
British Media Reports के अनुसार, United States (US) और Israel कथित तौर पर Iran पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए Land Blockade (जमीनी नाकाबंदी) के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
The Telegraph का दावा क्या है?
ब्रिटिश अखबार The Telegraph ने वरिष्ठ इजरायली सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि US और Israel ईरान के साथ होने वाले जमीनी व्यापार को सीमित करने के लिए उसके पड़ोसी देशों पर सीमा चौकियों को बंद करने या Border Controls सख्त करने का दबाव बना सकते हैं। इसका उद्देश्य तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना बताया जा रहा है।
किन देशों पर पड़ सकता है असर?
रिपोर्ट के मुताबिक, Pakistan और Iraq इस रणनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। वहीं Azerbaijan, Armenia, Afghanistan, Turkmenistan और Turkey, जो ईरान से सीमा साझा करते हैं, यदि इस योजना में शामिल होते हैं तो उन्हें तेहरान की कड़ी प्रतिक्रिया, यहां तक कि संभावित सैन्य जवाब का भी सामना करना पड़ सकता है।
Hormuz Strait रणनीति पर भी चर्चा
रिपोर्ट में कहा गया है कि Trump Administration कथित तौर पर Hormuz Strait से जुड़ी मौजूदा रणनीति की सीमाओं को देखते हुए नए विकल्पों पर विचार कर रहा है। एक White House Official के हवाले से कहा गया कि राष्ट्रपति के सामने “सभी विकल्प खुले हैं।”
Trump-Netanyahu Meeting में क्या चर्चा हुई?
Reuters के अनुसार, 28 July को White House में हुई बैठक के दौरान US President Donald Trump और Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu ने ईरान के साथ जारी तनाव को लेकर कई विकल्पों पर चर्चा की। इनमें आर्थिक दबाव बढ़ाना, संभावित सैन्य विकल्प और ईरान के जमीनी व्यापार को सीमित करने जैसे प्रस्ताव भी शामिल बताए गए हैं।
तीन प्रमुख रणनीतियों पर फोकस
रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों नेताओं ने तीन प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की:
- Diplomatic Agreement के जरिए समाधान तलाशना।
- Economic Pressure बढ़ाकर ईरान को वैश्विक व्यापार से अलग-थलग करना।
- जरूरत पड़ने पर Military Operations का दायरा बढ़ाना।
हालांकि, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी के अनुसार, बैठक में किसी एक रणनीति पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया और यह भी स्पष्ट नहीं है कि Trump Administration आगे कौन-सा रास्ता अपनाएगा।
अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
अब तक US Government, Israeli Government या Iran की ओर से इन मीडिया रिपोर्टों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इन्हें मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।

Leave a Reply