
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने देश की मौजूदा शासन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पाकिस्तान का प्रशासनिक तंत्र गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने में असफल रहा है। इस्लामाबाद में आयोजित पाकिस्तान इकोनॉमिक समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि नाराज़ युवा संगठित हो गए तो वे व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
अपने संबोधन में नक़वी ने कहा, “आप उन्हें युवा कहें या कॉकरोच, लेकिन यदि ये एकजुट हो गए तो सब कुछ उलट-पुलट कर सकते हैं।” उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर “कॉकरोच पार्टी पाकिस्तान” नाम से एक अभियान चर्चा में है। यह अभियान खुद को युवाओं द्वारा संचालित आंदोलन बताता है और भ्रष्टाचार, खराब शासन व्यवस्था तथा आर्थिक संकट के खिलाफ आवाज़ उठा रहा है।
नक़वी ने कहा कि सरकार केवल स्टाइपेंड, टैबलेट या अन्य योजनाओं से युवाओं की अपेक्षाएं पूरी नहीं कर सकती। उनके अनुसार, युवा न्यायपूर्ण व्यवस्था, योग्यता के आधार पर अवसर और रोजगार चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक शासन व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं होंगे और सभी राजनीतिक दल मिलकर प्रशासनिक बदलावों पर सहमति नहीं बनाएंगे, तब तक देश की स्थिति में सुधार संभव नहीं है।
उन्होंने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि हर वर्ष सरकार घाटे का बजट बनाती है और लगातार कर्ज़ बढ़ता जा रहा है। उनके मुताबिक, केवल लंबे समय तक काम करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे सिस्टम को रीसेट करने की आवश्यकता है।

नक़वी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ़ चौधरी ने कहा कि गृह मंत्री की टिप्पणी उनकी व्यक्तिगत राय है। उन्होंने कहा कि सेना इस पर टिप्पणी नहीं करेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सुशासन केवल सुरक्षित और स्थिर पाकिस्तान में ही संभव है तथा राजनीतिक दलों को मिलकर शासन व्यवस्था सुधारने का रास्ता तय करना होगा।
वहीं, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. आरिफ़ अल्वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि व्यवस्था नहीं, बल्कि उस पर कब्ज़ा करने वाले लोगों ने देश को इस स्थिति तक पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी जनादेश का सम्मान नहीं किया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया, जिसके कारण देश राजनीतिक और आर्थिक संकट में फंसा है।
इस बीच, नए प्रशासनिक प्रांतों के गठन के मुद्दे पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने भी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के महासचिव नय्यर बुखारी ने कहा कि यदि नए प्रांत बनाए जाने हैं तो इसके लिए संविधान में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी नए प्रांत का गठन केवल संबंधित विधानसभा, नेशनल असेंबली और सीनेट में आवश्यक बहुमत मिलने के बाद ही संभव है

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