चमक असली जैसी, लेकिन सिक्के नकली: सोनीपत की फैक्टरी से पंजाब-बिहार तक फैला नेटवर्क, 70 करोड़ के सिक्के खपाने का दावा

सहारनपुर में Fake Coins के एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। शहर कोतवाली पुलिस ने SOG और Surveillance Team के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी हरियाणा के सोनीपत में नकली सिक्के तैयार करते थे और उन्हें कई राज्यों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खपाते थे।

गिरोह के कब्जे से करीब 1.28 Lakh Rupees के नकली सिक्के, पांच लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के, सिक्के बनाने वाली छह मशीनें, अलग-अलग तरह की डाई, मोबाइल फोन, हिसाब-किताब के रजिस्टर और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।

सोनीपत में चल रही थी Fake Coins की फैक्टरी

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने हरियाणा के Sonipat जिले में नकली सिक्के तैयार करने की फैक्टरी लगा रखी थी। यहां सिक्के बनाने के साथ उनकी फिनिशिंग का काम भी किया जाता था। इसके बाद तैयार सिक्कों को Punjab, Bihar, Delhi और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भेजा जाता था।

पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का दायरा पंजाब से लेकर बिहार तक फैला हुआ है। गिरोह में करीब सात से आठ लोग शामिल होने की जानकारी सामने आई है और प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी।

मोबाइल और रजिस्टर में रखा जाता था पूरा हिसाब

गिरोह में एक Financier भी शामिल था, जो नकली सिक्कों की सप्लाई और लेनदेन का रिकॉर्ड संभालता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से सात हिसाब-किताब के रजिस्टर, पैड, एक चेकबुक और आठ मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पुलिस अब इन दस्तावेजों और मोबाइल की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि नकली सिक्कों की सप्लाई किन-किन लोगों तक की गई और इन्हें बाजार में चलाने के लिए नेटवर्क में और कौन लोग शामिल थे।

70 करोड़ रुपये से ज्यादा के सिक्के खपाने का दावा

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, गिरोह अब तक 70 Crore Rupees से अधिक कीमत के नकली सिक्के बाजार में खपा चुका है। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय और सप्लाई चेन की जांच शुरू कर दी है।

एसएसपी अभिनंदन सिंह के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ और बरामद दस्तावेजों के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तथा नकली सिक्कों के खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

बाजार से लेकर शराब ठेकों और Toll Plaza तक सप्लाई

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे ₹20 Fake Coins को अलग-अलग जगहों पर चलाते थे। पुलिस के अनुसार, बाजारों के अलावा Government Liquor Shops और Toll Plazas पर भी इन नकली सिक्कों को खपाया जाता था।

सिक्कों को वास्तविक जैसा रूप देने के लिए गिरोह के पास मशीनों के साथ-साथ लोहे की डाई, पॉलिश मशीन और घिसाई के पत्थर भी मौजूद थे।

पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने निम्न सामान बरामद किया है:

  • 6,400 Fake Coins (₹20 के)
  • करीब ₹5 Lakh के अधबने सिक्के
  • ₹500 के 20 नोट
  • सिक्के तैयार करने वाली 6 Machines
  • 5 लोहे की Die
  • बिना मुहर वाली 39 Die
  • मुहर लगी 20 Die
  • 8 Mobile Phones
  • Die Polishing Machine
  • 2 Grinding Stones
  • 2 Cars
  • 7 Accounting Registers
  • 1 Cheque Book
  • अन्य उपकरण और सामग्री

पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने जुबली पार्क से गिरोह के कथित सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, निवासी जिरखपुर, मोहाली को गिरफ्तार किया। इसके अलावा सहारनपुर निवासी हिमांशु उर्फ गुल्लू और कुलदीप, बिहार के मधुबनी निवासी संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन तथा संत रविदास नगर (भदोही) निवासी अनुराग पाल उर्फ लंकेश को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है। बरामद Mobile Phones, Registers और Manufacturing Equipment की जांच से नकली सिक्कों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।

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