सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये की नकली करेंसी मिलने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बरामद सभी नकली नोट 500 रुपये के हैं। नोटों की कुल संख्या करीब 340 बंडलों में बताई जा रही है। एक बंडल में 5 लाख रुपये होते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और PNB मुख्यालय की 21 सदस्यीय संयुक्त टीम करेंसी चेस्ट के रिकॉर्ड, नोटों के स्रोत और बैंक शाखाओं से हुए लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपित बैंक अधिकारियों की तलाश तेज कर दी है।
340 बंडलों में मिले 500 रुपये के नकली नोट
ऑडिट के दौरान टीम ने करेंसी चेस्ट में रखे नोटों की बारीकी से जांच की। जांच में करीब 17 करोड़ रुपये के नकली नोट सामने आए। इन सभी नोटों का मूल्यवर्ग 500 रुपये बताया जा रहा है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, नकली नोटों में बड़ी संख्या ऐसे नोटों की है जो देखने में नए लगते हैं। इसके अलावा कुछ पुराने 500 रुपये के नोट भी बरामद हुए हैं। नए और पुराने दोनों तरह के नकली नोट मिलने से जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह कथित नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था।
एलडीएम नवनीत शर्मा के मुताबिक, ऑडिट में जिन रकम की जांच हुई, उसमें सभी नोट 500 रुपये के पाए गए। इनकी कुल संख्या 340 बंडल बताई गई है।
एक बंडल में पांच लाख रुपये
बैंक अधिकारियों के अनुसार, 500 रुपये के एक बंडल में 1,000 नोट होते हैं, यानी उसकी कुल कीमत 5 लाख रुपये होती है। इस हिसाब से 340 बंडलों की रकम करीब 17 करोड़ रुपये बैठती है।
नोटों की जांच के लिए करीब 23 मशीनों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा ऑडिट टीम ने प्रत्येक नोट की बारीकी से जांच की और उनके सीरियल नंबरों का भी मिलान किया।
ऑडिट टीम के अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने बताया कि प्रत्येक नोट की गहनता से जांच की गई है। नोटों से संबंधित विस्तृत जानकारी और सीरियल नंबर भी RBI से मांगे गए हैं।
नए नोटों की बड़ी संख्या ने बढ़ाई चिंता
जांच टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि बड़ी संख्या में नए दिखने वाले नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे।
टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या नकली नोट अलग-अलग बैंक शाखाओं के जरिए करेंसी चेस्ट तक पहुंचे या बैंकिंग चैनल में किसी स्तर पर उनकी पहचान नहीं हो सकी। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या नकली नोट लंबे समय से धीरे-धीरे बैंकिंग सिस्टम में खपाए जा रहे थे।
पुराने 500 रुपये के नकली नोट मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। अधिकारियों को यह पता लगाना है कि पुराने और नए नकली नोटों के बीच कोई आपसी कड़ी है या नहीं।
तीन बैंक अधिकारियों की भूमिका जांच के घेरे में
मामले में वरिष्ठ मंडल प्रबंधक कार्यालय से जुड़े रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार और जगाधरी के करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार के नाम सामने आए हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
पुलिस आरोपितों के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ उनकी मोबाइल लोकेशन के आधार पर भी तलाश कर रही है। अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची।
चोरी की घटना से खुला नकली नोटों का मामला
बताया जा रहा है कि बैंक के पार्ट-टाइम हाउसकीपर से जुड़ी चोरी की घटना की जांच के दौरान नकली नोटों की इतनी बड़ी खेप का पता चला। इसके बाद करेंसी चेस्ट में रखी रकम का व्यापक ऑडिट कराया गया।
फिलहाल RBI और PNB की संयुक्त टीम बैंक के रिकॉर्ड और संबंधित शाखाओं से हुए लेनदेन का मिलान कर रही है। साथ ही अन्य करेंसी चेस्ट को भी अलर्ट किया गया है, ताकि बैंकिंग सिस्टम में नकली नोटों की संभावित मौजूदगी का पता लगाया जा सके।
जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि 17 करोड़ रुपये की नकली करेंसी करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंची और इसके पीछे कितने लोग शामिल हैं।


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