Calcutta High Court ने तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के ऑफिस वाली इमारत की छठी और सातवीं मंजिल खाली कराने के Fire Service Department के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने विभाग को टीएमसी की ओर से दिए गए जवाब पर दोबारा विचार करने और संबंधित पक्ष को नोटिस देकर परिसर का फिर से निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल Fire Services Department के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें दक्षिण कोलकाता के कामाक स्ट्रीट स्थित एक ऊंची इमारत की दो मंजिलों को खाली कराने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं मंजिलों में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का ऑफिस स्थित है।
Court ने क्या कहा?
जस्टिस कृष्णा राव ने विभाग के 4 सितंबर के आदेश को रद्द करते हुए मामले पर नए सिरे से कार्रवाई के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि विभाग 3 सितंबर को Trinamool Congress की ओर से दाखिल जवाब पर पुनर्विचार करे।
इसके बाद याचिकाकर्ता को उचित Notice जारी कर परिसर का दोबारा निरीक्षण किया जाए। कोर्ट का निर्देश है कि नई जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाए।
Fire Safety में कमी मिली तो क्या होगा?
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर दोबारा निरीक्षण के दौरान छठी और सातवीं मंजिल पर Fire Safety Measures में कोई अतिरिक्त कमी सामने आती है, तो विभाग टीएमसी को उसे दूर करने के लिए आवश्यक Corrective Measures अपनाने का निर्देश देगा।
अगर नोटिस दिए जाने के बावजूद याचिकाकर्ता जरूरी सुरक्षा उपाय लागू नहीं करता है, तो Fire Services Department कानून के तहत आगे की उचित कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।
11 सितंबर को भी कोर्ट ने दिया था अंतरिम निर्देश
इससे पहले 11 सितंबर को हाई कोर्ट ने Fire Services Department को निर्देश दिया था कि वह इमारत की दोनों मंजिलों को खाली कराने के अपने आदेश को तत्काल लागू न करे।
कोर्ट ने कहा था कि विभाग की ओर से अंतिम निर्णय आने तक Eviction Order को लागू नहीं किया जाना चाहिए।
TMC ने Fire Safety Certificate का मुद्दा उठाया
फायर विभाग के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान टीएमसी की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि 4 सितंबर को दोनों मंजिलों को खाली करने का Notice जारी किया गया था।
टीएमसी के अनुसार, नोटिस का आधार इमारत के Fire Safety Certificate की वैधता समाप्त होना बताया गया था।
State Government ने क्या दलील दी?
याचिका का विरोध करते हुए पश्चिम बंगाल के Advocate General Surojit Nath Mitra ने अदालत में कहा कि इमारत की छठी और सातवीं मंजिल पर कई Fire Safety Norms का पालन नहीं किया गया था।
राज्य सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि इनमें से एक मंजिल पर कई LPG Gas Cylinders रखे गए थे, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मुद्दा हो सकता है।
अगस्त में Billboard हटाने के दौरान भी हुआ था विवाद
इससे पहले अगस्त में अधिकारियों ने इसी इमारत से टीएमसी का एक कथित Illegal Billboard हटाया था। कार्रवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी के निजी सुरक्षाकर्मियों, उनके समर्थकों और पार्टी के कुछ नेताओं की पुलिस तथा Kolkata Municipal Corporation (KMC) के अधिकारियों के साथ झड़प हुई थी।
अब हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद Fire Services Department को टीएमसी के जवाब पर पुनर्विचार करने और दोबारा निरीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई तय करनी होगी।


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