भारत दौरे पर बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर, PM मोदी से की मुलाकात; एंटवर्प के ‘हीरा कारोबार’ से भारत का पुराना रिश्ता

नई दिल्ली: बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। गुरुवार को उन्होंने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत-बेल्जियम साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत हुई।

बार्ट डी वेवर फरवरी 2025 से बेल्जियम के प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले वह लंबे समय तक न्यू फ्लेमिश अलायंस (N-VA) के नेता रहे। जनवरी 2013 से फरवरी 2025 तक उन्होंने बेल्जियम के प्रमुख शहर एंटवर्प के मेयर के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाली।

एंटवर्प और भारतीयों का हीरा कारोबार से गहरा रिश्ता

बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के सबसे बड़े हीरा कारोबार केंद्रों में गिना जाता है। एंटवर्प डायमंड डिस्ट्रिक्ट में दुनिया भर से आने वाले कच्चे और पॉलिश किए गए हीरों का बड़ा हिस्सा कारोबार से गुजरता है।

एंटवर्प के हीरा कारोबार में भारतीय कारोबारियों, खासकर गुजरात और सूरत से जुड़े व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारतीय समुदाय ने इस वैश्विक हीरा बाजार में कारोबार, कटिंग और पॉलिशिंग से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।

एंटवर्प का डायमंड डिस्ट्रिक्ट शहर के सेंट्रल रेलवे स्टेशन के आसपास लगभग एक वर्ग मील के इलाके में फैला हुआ है। यहां बड़ी संख्या में हीरा कंपनियां और प्रमुख डायमंड एक्सचेंज संचालित होते हैं।

यहूदियों पर टिप्पणी को लेकर मांगनी पड़ी थी माफी

बार्ट डी वेवर का नाम करीब दो दशक पहले एक विवाद से भी जुड़ा रहा है। अक्टूबर 2007 में एंटवर्प के तत्कालीन मेयर पैट्रिक जान्सेंस ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहूदियों को नाजी कब्जे वाले इलाकों में भेजे जाने में शहर की भूमिका को लेकर माफी मांगी थी।

इसके बाद डी वेवर ने उस समय शहर के अधिकारियों के फैसलों का बचाव करते हुए ऐसी टिप्पणियां कीं, जिनकी यहूदी समुदाय ने आलोचना की। विवाद बढ़ने के बाद डी वेवर ने अपने बयान पर माफी मांगी। उन्होंने एंटवर्प के यहूदी समुदाय के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से माफी मांगने के साथ ही बेल्जियम के अखबार ‘डी स्टैंडर्ड’ में खुले पत्र के जरिए भी अपनी बात रखी।

बेल्जियम की राजनीति में लंबा अनुभव

21 दिसंबर 1970 को जन्मे बार्ट अल्बर्ट लिलियन डी वेवर को बेल्जियम की राजनीति में उनके शुरुआती अक्षरों के कारण ‘BDW’ के नाम से भी जाना जाता है।

वह 2004 से 2025 तक N-VA के अध्यक्ष रहे। 2010 के संघीय चुनावों में उनके नेतृत्व में N-VA बेल्जियम की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी। इसके बाद पार्टी ने लगातार चुनावों में मजबूत प्रदर्शन किया।

2024 के संघीय चुनावों के बाद बेल्जियम के राजा फिलिप ने डी वेवर को नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी दी। लंबी राजनीतिक प्रक्रिया के बाद फरवरी 2025 में उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभाला।

राजनीतिक रूप से डी वेवर खुद को कंजर्वेटिव और फ्लेमिश राष्ट्रवादी बताते हैं। उनकी राजनीतिक सोच पर एडमंड बर्क, मार्गरेट थैचर और अर्थशास्त्री फ्रेडरिक हायेक जैसे विचारकों का प्रभाव बताया जाता है।

भारत-बेल्जियम संबंधों में हीरा कारोबार अहम

भारत और बेल्जियम के बीच लंबे समय से व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध हैं। बेल्जियम उन शुरुआती यूरोपीय देशों में शामिल था, जिन्होंने स्वतंत्र भारत के साथ 1947 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे।

दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में हीरा कारोबार की महत्वपूर्ण भूमिका है। एंटवर्प वैश्विक हीरा व्यापार का प्रमुख केंद्र है, जबकि भारत हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख केंद्रों में शामिल है।

भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार का दायरा अब हीरा कारोबार से आगे बढ़कर विज्ञान, तकनीक, नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ तकनीक और स्थिरता जैसे क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। भारत में बेल्जियम का निवेश भी दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

बेल्जियम में करीब 35 हजार भारतीय

भारतीय समुदाय भी भारत-बेल्जियम संबंधों में अहम कड़ी है। बेल्जियम में भारतीय मूल के करीब 35 हजार लोग रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में गुजरात और भारत के दूसरे हिस्सों से आए कारोबारी और पेशेवर शामिल हैं।

खास तौर पर एंटवर्प के हीरा कारोबार में गुजरात और सूरत से जुड़े भारतीय कारोबारियों की मजबूत मौजूदगी ने दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को एक अलग पहचान दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बार्ट डी वेवर की मौजूदा मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत और बेल्जियम अपने आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी सहयोग को और विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

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