बांग्लादेशी DGFI डेलीगेशन का पाकिस्तान दौरा, ISI की बढ़ती पैठ पर उठे सवाल

ढाका: बांग्लादेश की सैन्य खुफिया एजेंसी Directorate General of Forces Intelligence (DGFI) के छह सदस्यीय डेलीगेशन के पाकिस्तान दौरे से दोनों देशों के बीच बढ़ते सुरक्षा और खुफिया सहयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह टीम 15 अगस्त को इस्लामाबाद पहुंची। इस घटनाक्रम को बांग्लादेश में पाकिस्तानी Inter-Services Intelligence (ISI) के बढ़ते प्रभाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।

छह सदस्यीय टीम ने किया पाकिस्तान का दौरा

बताया गया है कि बांग्लादेशी डेलीगेशन की अगुवाई Colonel Maghfooz-ul-Bari ने की। टीम में Wing Commander Imnul QaisMoh iuddin Mohammad AsifSquadron Leader Rehan Mohammad ChowdhuryMurad Hossain Tushar और Khandoker Ariful Islam शामिल थे।

शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश और पाकिस्तान की सैन्य एवं खुफिया एजेंसियों के बीच संपर्क बढ़ने की खबरें सामने आती रही हैं। इसी वर्ष अप्रैल में DGFI के डायरेक्टर जनरल

Major General Kaiser Rashid Chowdhury के इस्लामाबाद दौरे की भी रिपोर्ट सामने आई थी।

बांग्लादेश में ISI के प्रभाव को लेकर चर्चा

अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश की राजनीति में बड़े बदलाव हुए। इसी दौरान पाकिस्तान की सेना और ISI के बांग्लादेश में बढ़ते संपर्क को लेकर भी सवाल उठे। अब DGFI के नए दौरे को इसी बदलते क्षेत्रीय समीकरण की एक कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, किसी भी खुफिया सहयोग के वास्तविक दायरे या ISI की कथित गतिविधियों को लेकर स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर भी नजर

इस घटनाक्रम के बीच बांग्लादेश और भारत के संबंध भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। प्रधानमंत्री Tarique Rahman के सत्ता संभालने के बाद भारत यात्रा को लेकर अभी तक कोई अंतिम कार्यक्रम सामने नहीं आया है। वहीं, बांग्लादेश की ओर से कहा गया है कि ऐसी यात्रा के लिए उचित माहौल तैयार करने की जरूरत है।

भारत और बांग्लादेश के बीच पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी संबंधों में संवेदनशील विषय बना हुआ है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह बांग्लादेश के साथ आपसी हितों और सहयोग पर आधारित सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी संबंधों के लिए प्रतिबद्ध है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रत्यर्पण से जुड़े अनुरोधों पर भारत अपनी स्थापित प्रक्रियाओं के तहत विचार कर रहा है। ऐसे में DGFI का पाकिस्तान दौरा दक्षिण एशिया में बदलते geopolitical equations और बांग्लादेश की नई विदेश एवं सुरक्षा नीति को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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