PAF: भारतीय सेना की ताकत समझने के लिए Belarus पहुंचे Pakistan Air Force Chief, बड़े Defence Deal की तैयारी

Minsk: Operation Sindoor के बाद पाकिस्तान अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए लगातार नए साझेदार तलाश रहा है। इसी कड़ी में Pakistan Air Force (PAF) के प्रमुख Zaheer Ahmed Baber Sidhu आधिकारिक दौरे पर Belarus पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा का उद्देश्य रक्षा सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ नई Defence Technology और आधुनिक हथियारों से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा करना है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, Belarus की राजधानी Minsk में पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख कई उच्चस्तरीय सैन्य अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच Military Cooperation, सैनिकों की Training, अनुभवों के आदान-प्रदान और रक्षा उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी।

पाकिस्तान के रक्षा मामलों के जानकार Rear Admiral (Retd.) Faisal Shah का कहना है कि यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष Belarus का एक सैन्य प्रतिनिधिमंडल भी पाकिस्तान के दौरे पर गया था, जिसके बाद दोनों देशों के रक्षा संबंधों में तेजी देखने को मिली।

Pakistan ने Belarus को Pilot Training का प्रस्ताव दिया

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने Belarus को अपने यहां Pilot Training की पूरी सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है। बदले में पाकिस्तान चाहता है कि Belarus उसे Drone Technology, Microelectronics और आधुनिक Heavy Weapons उपलब्ध कराए।

दोनों देशों के बीच तैयार किए गए Roadmap 2025–2027 में केवल हथियारों की खरीद-बिक्री ही नहीं, बल्कि Joint Production और Technology Transfer को भी प्राथमिकता दी गई है। यदि इस दिशा में सहमति बनती है, तो दोनों देशों के रक्षा सहयोग को नई गति मिल सकती है।

Pakistan, Belarus और Russia के बीच बढ़ सकता है Defence Cooperation

Faisal Shah का कहना है कि यदि Belarus इस प्रस्ताव पर सहमत होता है, तो पाकिस्तान रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। उनके अनुसार, पाकिस्तान के Russia के साथ भी अच्छे संबंध हैं और भविष्य में Pakistan–Belarus–Russia के बीच रक्षा सहयोग का एक मजबूत ढांचा विकसित हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और पश्चिमी देशों के हथियारों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी कदम साबित हो सकता है। पाकिस्तान और रूस दोनों Shanghai Cooperation Organisation (SCO) के सदस्य हैं, जिससे रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में संवाद की संभावनाएं बनी रहती हैं।

क्या India के Russian Weapons पर है Pakistan की नजर?

भारतीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की इस पहल के पीछे एक अहम वजह भारत के पास मौजूद Russian-Origin Weapons भी हो सकते हैं। S-400 Air Defence System सहित कई रूसी रक्षा प्रणालियां भारतीय सेना की सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

चूंकि Russia सीधे तौर पर पाकिस्तान को कई संवेदनशील हथियार उपलब्ध नहीं कराता, इसलिए माना जा रहा है कि Belarus, जिसके पास बड़ी संख्या में रूसी मूल के हथियार और तकनीक मौजूद हैं, पाकिस्तान के लिए एक वैकल्पिक सहयोगी बन सकता है।

हालांकि, इस बात का कोई सार्वजनिक और आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि पाकिस्तान का उद्देश्य भारतीय Russian Weapons की तकनीकी कमजोरियों का अध्ययन करना है। यह दावा फिलहाल कुछ रक्षा विश्लेषकों के आकलन पर आधारित है।

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