बीजिंग/ताइपे। चीन और ताइवान पर शक्तिशाली टाइफून ‘बावी’ (Bavi) का खतरा मंडरा रहा है। करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ यह तूफान तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इसके 11 जुलाई की शाम चीन के पूर्वी फुजियान प्रांत में लैंडफॉल करने की संभावना है। वहीं ताइवान के उत्तरी हिस्से से भी इसके गुजरने का अनुमान है।
ताइवान प्रशासन ने लोगों से आवश्यक खाद्य सामग्री और जरूरी सामान का भंडारण करने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, यह वर्ष 2024 के बाद ताइवान से टकराने वाला सबसे शक्तिशाली तूफान हो सकता है।
चीन के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, टाइफून बावी का आकार लगभग 1,000 किलोमीटर तक फैला हुआ है, जिससे यह हाल के दशकों के सबसे बड़े तूफानों में शामिल हो गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसकी तीव्रता बरकरार रहती है तो यह 2024 के सुपर टाइफून कोंग-रे के बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र का सबसे शक्तिशाली तूफान साबित हो सकता है।
मेसाक से उबर नहीं पाया चीन
बावी के खतरे के बीच चीन अभी टाइफून मेसाक से हुई तबाही से उबर भी नहीं पाया है। दक्षिण-पश्चिमी गुआंग्शी क्षेत्र में मेसाक के कारण आई बाढ़ में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि नौ लोग लापता हैं।
जापान में उड़ानें रद्द
टाइफून के प्रभाव को देखते हुए जापान में भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जापान एयरलाइंस (JAL) ने शुक्रवार की 48 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे करीब 7,600 यात्री प्रभावित होंगे। वहीं ऑल निप्पॉन एयरवेज (ANA) ने शुक्रवार को 34 और शनिवार को 33 घरेलू उड़ानें रद्द करने की घोषणा की है।
विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बावी लंबे समय तक खुले प्रशांत महासागर के गर्म पानी के ऊपर रहने के कारण लगातार ताकतवर हुआ है और इसमें भारी मात्रा में नमी जमा हो गई है। ऐसे में तटीय इलाकों में पहुंचने पर यह तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और व्यापक तबाही मचा सकता है।
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि तूफान के मार्ग में मामूली बदलाव भी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को काफी बदल सकता है। वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और संभावित अल नीनो प्रभाव के कारण एशिया-प्रशांत क्षेत्र में इस तरह के शक्तिशाली तूफानों की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ रही है।

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