US President Donald Trump ने दावा किया है कि US-Iran Peace Deal को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इस पर 19 जून को Geneva, Switzerland में औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व Vice President JD Vance करेंगे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, समझौते पर डिजिटल स्तर पर सहमति बन चुकी है, हालांकि Deal Draft को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पूरे दस्तावेज को जारी किया जाएगा।
14-Point MoU बना चर्चा का केंद्र
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच 14-Point MoU का एक प्रारंभिक मसौदा तैयार किया गया है, जिस पर आगे तकनीकी और कूटनीतिक स्तर पर चर्चा जारी रहेगी।
14-Point MoU की प्रमुख बातें
- Iran, Lebanon और अन्य मोर्चों पर चल रहे संघर्ष को रोकने की दिशा में कदम।
- US और Israel द्वारा नए सैन्य टकराव से बचने का आश्वासन।
- Israel Security Guarantee को लेकर अमेरिकी प्रतिबद्धता।
- Strait of Hormuz में व्यापारिक गतिविधियों को सामान्य बनाने की योजना।
- ईरानी जहाजों और समुद्री व्यापार पर लगी कई पाबंदियों में राहत।
- 30 दिनों के भीतर समुद्री व्यापार को सामान्य स्थिति में लाने का लक्ष्य।
- Frozen Funds के रूप में रोकी गई राशि का चरणबद्ध भुगतान।
- Oil Export Restrictions और अन्य आर्थिक प्रतिबंधों में ढील की प्रक्रिया।
- वार्ता के दौरान नए प्रतिबंध न लगाने की सहमति।
- Military Activity Reduction पर भी चर्चा।
- Nuclear Program और Enriched Uranium के मुद्दे पर आगे बातचीत।
- 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में व्यापक वार्ता का प्रस्ताव।
Iran को मिल सकता है बड़ा Economic Package
कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Iran Economic Relief Package के तहत ईरान को बड़ी आर्थिक सहायता मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट
1. Trump ने शर्तों के पालन पर जोर दिया
Donald Trump ने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी प्रकार की राहत तभी मिलेगी, जब वह समझौते की सभी शर्तों का पूरी तरह पालन करेगा।
2. Israel ने जताई अलग राय
Israel National Security Minister Itamar Ben-Gvir ने कहा कि यह समझौता अमेरिका और ईरान के बीच है तथा इजराइल इससे बाध्य नहीं है। वहीं Defense Minister Israel Katz ने भी सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट किया।
3. Macron ने Nuclear Monitoring की मांग की
French President Emmanuel Macron ने कहा कि ईरान के Enriched Uranium Stockpile को IAEA Monitoring के तहत रखा जाना चाहिए, ताकि उसका इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए न हो सके।
4. Iran ने इसे बताया Diplomatic Victory
Iranian President Masoud Pezeshkian ने इस समझौते को ईरान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया और कहा कि वार्ता में उनका पक्ष मजबूत रहा।
5. कई देशों ने किया स्वागत
UAE, Qatar, Kuwait, Switzerland और Pakistan सहित कई देशों ने इस संभावित समझौते को Regional Stability और Middle East Peace Process के लिए सकारात्मक कदम बताया है।
औपचारिक घोषणा पर टिकी दुनिया की नजर
अब वैश्विक समुदाय की निगाहें 19 जून को प्रस्तावित औपचारिक बैठक पर टिकी हैं। यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है, तो इससे US-Iran Relations, Middle East Stability और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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