नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ओमान तट के निकट एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। मृतकों में उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश के निवासी शामिल हैं। घटना के बाद केंद्र सरकार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।
जानकारी के अनुसार, पलाऊ के ध्वज वाले एमटी सेट्टेबेलो नामक जहाज पर हमला उस समय हुआ जब क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई थी। हमले के बाद कई चालक दल के सदस्य प्रभावित हुए, जिनमें तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है।
सरकार ने शुरू किए राहत और बचाव प्रयास
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिनस बंदरगाह के समीप हुए हमले की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क स्थापित किया गया है। दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा कि क्षेत्र में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मृतकों के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्रालय ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश के शिवानंद चौरसिया की मौत से गांव में शोक
मृतकों में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सुरौली गांव निवासी शिवानंद चौ
रसिया भी शामिल हैं। उनकी मृत्यु की सूचना मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार शिवानंद कई महीनों से समुद्री जहाज पर कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि घटना से कुछ समय पहले ही उनकी शिवानंद से बातचीत हुई थी। उनके पीछे पत्नी और दो बच्चे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे।
हिमाचल के आदित्य शर्मा भी हादसे का शिकार
इस घटना में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी आदित्य शर्मा की भी जान चली गई। वह जहाज पर डेक कैडेट के रूप में कार्यरत थे। परिवार ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की मांग की है।
परिजनों ने सवाल उठाया है कि युद्ध जैसे हालात के बावजूद जहाज को जोखिम वाले क्षेत्र में आगे बढ़ाने की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
24 सदस्यीय चालक दल था सवार
एमटी सेट्टेबेलो जहाज पर कुल 24 चालक दल के सदस्य मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि तीन सदस्य लापता थे। बाद में इन तीनों भारतीय नाविकों के मृत होने की पुष्टि हुई।
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने बताया कि मृतकों में एक उत्तर प्रदेश, एक हिमाचल प्रदेश तथा एक आंध्र प्रदेश का निवासी था। आंध्र प्रदेश के नाविक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अमेरिका पर उठे सवाल
घटना के बाद कुछ संगठनों और नाविक प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि संबंधित सैन्य एजेंसियों को जहाज पर मौजूद लोगों की राष्ट्रीयता की जानकारी थी। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच भारत सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित देशों और अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखा है।
संयुक्त राष्ट्र ने शांति की अपील की
घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई गई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में शांति और सुरक्षित समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
ओमान नौसेना ने चलाया बचाव अभियान
जानकारी के मुताबिक जहाज के इंजन कक्ष में आग लगने के बाद आपात सहायता का संदेश भेजा गया था। इसके बाद रॉयल नेवी ऑफ ओमान ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। बचाए गए चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि मृतकों की पहचान और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं जारी हैं।

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