
देहरादून: मणिपुर के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हुए आतंकी हमले में उत्तराखंड के दो जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। शहीदों में अल्मोड़ा के वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और पौड़ी गढ़वाल के हवलदार चंद्र मोहन सिंह शामिल हैं। घटना के बाद पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों का काफिला नियमित ऑपरेशन पर था, तभी पहले से घात लगाए बैठे आतंकियों ने हमला कर दिया। अचानक हुई गोलीबारी में दोनों जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन उन्होंने ड्यूटी के दौरान वीरगति प्राप्त की। हमले में कुछ अन्य जवानों के घायल होने की भी सूचना है।
पौड़ी जिले के नैनीडांडा ब्लॉक के डांडातोली गांव निवासी हवलदार चंद्र मोहन सिंह कुछ दिन पहले ही अवकाश समाप्त कर ड्यूटी पर लौटे थे। उनके पिता का हाल ही में निधन हुआ था और पारिवारिक क्रियाकर्म पूरा करने के बाद उन्होंने 3 जुलाई को अपनी यूनिट जॉइन की थी। कुछ ही दिनों बाद उनके शहीद होने की खबर से परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक छा गया।
शहीद चंद्र मोहन सिंह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और दो पुत्रियों को छोड़ गए हैं। उनका परिवार वर्तमान में गाजियाबाद में रहता है। वहीं, अल्मोड़ा निवासी वारंट अधिकारी बलवंत सिंह की शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में भी मातम पसर गया।
भारतीय सेना और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश उनके सर्वोच्च बलिदान को सदैव याद रखेगा। सेना ने शहीदों के परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने दोनों वीर जवानों की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा को नमन किया।

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