
अयोध्या: Ram Mandir में चढ़ावा राशि की कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पेशी सोमवार को Video Conferencing के माध्यम से कराई जाएगी। इस बीच Faizabad Bar Association ने बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि इस मामले में कोई भी अधिवक्ता आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा।
Bar Association का बड़ा फैसला
Faizabad Bar Association के अध्यक्ष कालका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि यदि कोई अधिवक्ता इस मामले में आरोपियों की ओर से पैरवी करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही उसका लाइसेंस रद्द कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
इसके अलावा उन्होंने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से अयोध्या छोड़ने की मांग भी की है।
SIT जांच के बाद दर्ज हुई FIR
गौरतलब है कि 6 जून को Ram Mandir में चढ़ावे की धनराशि में कथित चोरी का मामला सामने आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने Special Investigation Team (SIT) का गठन किया था।
SIT ने अपनी जांच पूरी कर दो दिन पहले रिपोर्ट शासन को सौंप दी। इसके आधार पर 25 जून की शाम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
इन आठ आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने गणना प्रक्रिया से जुड़े कर्मियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, पर्यवेक्षणीय कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव तथा रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
SIT रिपोर्ट में चोरी की पुष्टि का दावा
SIT की जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि चढ़ावा राशि की गणना प्रक्रिया में शामिल कुछ कर्मचारियों द्वारा दान राशि की कथित चोरी की गई। रिपोर्ट में पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी निभाने वाले सुभाष श्रीवास्तव और बैंक पर्यवेक्षण से जुड़े रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताई गई है।
इसी आधार पर पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब मामले की सुनवाई की अगली प्रक्रिया Video Conferencing के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी।

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