सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में Aluminium Silicate Ore (Andalusite) का बड़ा भंडार मिलने की संभावना ने खनन और औद्योगिक क्षेत्र में नई उम्मीदें जगा दी हैं। Indian Bureau of Mines (IBM) की 2024 Report के अनुसार, उत्तर प्रदेश और झारखंड की सीमा पर Andalusite के छह नए Mineral Blocks चिन्हित किए गए हैं। अनुमान है कि कुल भंडार का लगभग 91%, यानी 114.25 Million Tonnes, केवल सोनभद्र में मौजूद है। यदि आगे के सर्वेक्षण और परीक्षण इसकी पुष्टि करते हैं, तो यह देश का सबसे बड़ा Andalusite Reserve साबित हो सकता है।
GSI Survey में मिले उत्साहजनक संकेत
Geological Survey of India (GSI) ने वर्ष 2012-13 से 2020-21 के बीच सोनभद्र के Kon-Windhamganj क्षेत्र के लगभग 48 वर्ग किलोमीटर इलाके में चार चरणों में विस्तृत सर्वेक्षण किया। शुरुआती रिपोर्ट में मिले सकारात्मक परिणामों के बाद अब Detailed Exploration, Drilling और संभावित Mining Process को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
इसके अलावा Lucknow University और Banaras Hindu University (BHU) के भू-वैज्ञानिकों ने भी कई बार क्षेत्र का सर्वेक्षण किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, Renukoot Forest Division से लेकर Rajkhar और Duddhi क्षेत्र की पहाड़ियों तक एंडालुसाइट की परतें मिलने की संभावना है।
छह Mineral Blocks की पहचान
IBM की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल 2020 तक उपलब्ध GSI Survey के आधार पर उत्तर प्रदेश और झारखंड में कुल छह Freehold Mineral Blocks चिन्हित किए गए हैं।
इनमें सोनभद्र के Salaidih-Harwariya, Phulwar सहित पांच ब्लॉकों में करीब 114.25 Million Tonnes भंडार होने का अनुमान है, जबकि झारखंड के Garhwa जिले के Nagar Untari क्षेत्र में लगभग 11.8 Million Tonnes भंडार का आकलन किया गया है।
Ore Grade 24 से 26 प्रतिशत तक
रिपोर्ट के अनुसार, Andalusite Ore का औसत Grade लगभग 24% से 26% आंका गया है।
इसके अलावा Chhattisgarh, Odisha, Rajasthan और उत्तर प्रदेश के Mirzapur जिले में भी एंडालुसाइट के संकेत मिलने की बात कही गई है।
Sillimanite के भी बड़े भंडार के संकेत
सर्वेक्षण रिपोर्ट में सोनभद्र के Babhani-Bijpur Belt में Sillimanite (Alumino Silicate Mineral) के बड़े भंडार की संभावना भी जताई गई है।
बताया गया है कि यह क्षेत्र लगभग 600 मीटर से अधिक चौड़ा और 6 किलोमीटर से ज्यादा लंबाई में फैला हुआ है। Chhipiya Village के पास बड़े Sillimanite Crystals मिलने के संकेत मिले हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस बेल्ट में 16% से 32% (औसतन 25%) तक Sillimanite Content वाले क्षेत्र मौजूद हो सकते हैं। यहां लगभग 10 Million Tonnes भंडार होने का अनुमान लगाया गया है।
किन उद्योगों में होता है उपयोग?
Andalusite का उपयोग कई प्रमुख उद्योगों में किया जाता है। इससे Refractory Bricks, Steel Industry, Cement Plants, Glass Manufacturing, Ceramics, Metal Casting, Spark Plugs और उच्च तापमान सहने वाले औद्योगिक उपकरण तैयार किए जाते हैं।
इसके अलावा उच्च गुणवत्ता वाले पारदर्शी एंडालुसाइट को Gemstone के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
वहीं Sillimanite का उपयोग Steel, Glass, Ceramic Industry, Electrical Insulators, Cement Kilns और Petrochemical Refineries में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
विशेषज्ञों की क्या है राय?
Lucknow University के भू-विज्ञान विभाग के प्रो. विभूति राय के अनुसार, सोनभद्र में एंडालुसाइट का बड़ा भंडार व्यावसायिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। उनका मानना है कि यदि विस्तृत सर्वेक्षण के बाद खनन शुरू होता है, तो जिले में बड़े Industrial Investment, Infrastructure Development और Employment Opportunities विकसित होने की संभावना है।
हालांकि, सोनभद्र के वरिष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप ने स्पष्ट किया है कि खनिज सर्वेक्षण और खनन से जुड़ी प्रक्रियाएं Geological Survey of India (GSI) और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के स्तर पर संचालित होती हैं। फिलहाल जिला स्तर पर इस संबंध में कोई अंतिम आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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