PM-KISAN Yojana: 7 साल में Funding Pattern ने चौंकाया, RTI से सामने आया खर्च का दिलचस्प ट्रेंड

PM-KISAN Yojana के वित्तीय प्रबंधन को लेकर RTI (Right to Information) के जरिए अहम जानकारी सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार, योजना के सात वर्षों में चार Financial Years ऐसे रहे, जब सरकार आवंटित Budget की पूरी राशि खर्च नहीं कर सकी। वहीं तीन Financial Years में वास्तविक खर्च शुरुआती Budget Estimate से अधिक रहा।

PM-KISAN में खर्च का ट्रेंड क्यों बदला?

PM-KISAN देश की सबसे बड़ी Direct Benefit Transfer (DBT) योजनाओं में शामिल है। RTI से मिले आंकड़ों के मुताबिक, हर साल खर्च का पैटर्न अलग रहा। इसकी मुख्य वजह लाभार्थियों की संख्या में बदलाव, पात्र किसानों का सत्यापन, राज्यों से मिलने वाले डेटा और Revised Budget Estimates रहे।

चार वर्षों में पूरा Budget क्यों नहीं खर्च हुआ?

आंकड़ों के अनुसार, कुछ वित्तीय वर्षों में पात्र किसानों की संख्या शुरुआती अनुमान से कम रही। इसके अलावा Verification Process और अन्य प्रशासनिक कारणों की वजह से आवंटित राशि का पूरा उपयोग नहीं हो सका, जिससे बजट का एक हिस्सा खर्च होने से बच गया।

तीन वर्षों में Budget Estimate से ज्यादा खर्च कैसे हुआ?

दूसरी ओर, तीन वित्तीय वर्षों में सरकार ने मूल Budget Estimate से अधिक राशि खर्च की। इसकी वजह अतिरिक्त लाभार्थियों को योजना में शामिल करना, Revised Estimates के तहत अतिरिक्त फंड जारी करना और समय-समय पर किए गए बजटीय संशोधन रहे। इससे पात्र किसानों तक योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के पहुंचाया गया।

PM-KISAN योजना क्या है?

PM-KISAN Yojana की शुरुआत 2019 में केंद्र सरकार ने की थी। इसके तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। प्रत्येक किस्त ₹2,000 की होती है और हर चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती है। अब तक योजना के तहत 21 Installments जारी की जा चुकी हैं।

RTI Data क्यों माना जा रहा है अहम?

विशेषज्ञों का मानना है कि RTI से सामने आए आंकड़े बताते हैं कि किसी भी बड़ी Welfare Scheme में केवल बजट आवंटन ही नहीं, बल्कि लाभार्थियों का सत्यापन, राज्यों से प्राप्त जानकारी और वित्तीय प्रबंधन भी वास्तविक खर्च को प्रभावित करते हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि Budget Allocation और Actual Expenditure के बीच हर साल अंतर हो सकता है।

किन किसानों को नहीं मिलता PM-KISAN का लाभ?

PM-KISAN Guidelines के अनुसार:

  • पति और पत्नी दोनों एक साथ योजना का लाभ नहीं ले सकते।
  • यदि परिवार का कोई सदस्य Income Tax भरता है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
  • किराये पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों को भी योजना का लाभ नहीं मिलता, क्योंकि Land Ownership अनिवार्य है।
  • जिन परिवारों का कोई सदस्य Constitutional Post पर है, वे भी इस योजना के दायरे में नहीं आते।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *