बॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर Kuku Kohli का 77 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें Heart Attack के बाद मुंबई के Kokilaben Dhirubhai Ambani Hospital में भर्ती कराया गया था और उनकी बंद धमनी में Stent लगाया गया था। इसके बावजूद उनकी हालत बिगड़ गई और 25 अगस्त को उन्हें Cardiac Arrest आया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
उनके निधन के बाद यह सवाल सामने आया कि अगर Stent बंद धमनी को खोलकर Blood Flow बहाल कर देता है, तो फिर Heart Attack के बाद मरीज की जान कैसे जा सकती है?
Stent सिर्फ Blockage खोलता है, Damage को ठीक नहीं करता
विशेषज्ञों के मुताबिक Coronary Stent का मुख्य काम बंद या संकरी हुई धमनी में Blood Flow को बहाल करना है। लेकिन Heart Attack के दौरान जितने Heart Muscle को ऑक्सीजन की कमी से नुकसान पहुंच चुका है, Stent उस नुकसान को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकता।
अगर Coronary Artery लंबे समय तक Blocked रहती है, तो उससे जुड़े Heart Muscle का एक हिस्सा स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकता है। Angioplasty और Stenting आगे होने वाले नुकसान को सीमित करने में मदद करते हैं, लेकिन पहले से मर चुके Heart Muscle को वापस सामान्य नहीं कर सकते।
इसी वजह से किसी मरीज की Angioplasty तकनीकी रूप से सफल होने के बाद भी गंभीर complications का खतरा बना रह सकता है।
Severe Heart Damage से बढ़ सकता है खतरा
एक बड़े Heart Attack के बाद अगर Heart Muscle को काफी नुकसान पहुंचा हो, तो दिल शरीर के बाकी हिस्सों तक पर्याप्त Blood Pump नहीं कर पाता। ऐसी स्थिति में Heart Failure या Cardiogenic Shock जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
Cardiogenic Shock में दिल इतना कमजोर हो जाता है कि वह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त Blood Flow बनाए रखने में असमर्थ हो जाता है। यह Heart Attack की सबसे गंभीर complications में से एक है।
Heart Rhythm बिगड़ने से भी हो सकता है Cardiac Arrest
Heart Attack के बाद एक और बड़ा खतरा Dangerous Heart Rhythm का होता है। इनमें Ventricular Fibrillation जैसी स्थिति शामिल है, जिसमें दिल के निचले हिस्से सामान्य तरीके से Blood Pump करने के बजाय तेजी से कांपने लगते हैं।
ऐसी स्थिति में अचानक Cardiac Arrest हो सकता है। यानी Stent से Treat की गई Artery खुली रहने के बावजूद मरीज की जान को खतरा हो सकता है।
क्या Stent में दोबारा Blockage हो सकता है?
दुर्लभ मामलों में Stent के अंदर Blood Clot बन सकता है। इसे Stent Thrombosis कहा जाता है। आधुनिक Drug-Eluting Stents के कारण यह complication पहले की तुलना में कम होता है, लेकिन अगर ऐसा हो जाए तो Treated Artery में अचानक Blood Flow रुक सकता है और दोबारा Heart Attack हो सकता है।
इसीलिए Stenting के बाद डॉक्टर द्वारा दी गई Antiplatelet Medicines को समय से पहले बंद नहीं करना चाहिए। इन दवाओं का उद्देश्य Stent के अंदर Blood Clot बनने के जोखिम को कम करना होता है।
Stent पूरी Heart Disease का इलाज नहीं है
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि Coronary Artery Disease आमतौर पर सिर्फ एक जगह की समस्या नहीं होती। Stent उस Blockage को खोलता है, जिसने तत्काल समस्या पैदा की है, लेकिन शरीर की धमनियों में मौजूद अन्य Plaques खत्म नहीं होते।
अन्य हिस्सों में मौजूद Plaque आगे चलकर Unstable होकर टूट सकता है और नई Blockage पैदा कर सकता है। इसलिए Stent लगने के बाद भी Heart Disease का Long-Term Treatment जारी रखना जरूरी होता है।
Heart Attack के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Heart Attack और Angioplasty के बाद डॉक्टर मरीज की Heart Muscle Damage, Pumping Function, Heart Rhythm और बाकी Coronary Blockages की स्थिति का आकलन करते हैं।
Long-Term Recovery में आमतौर पर ये चीजें महत्वपूर्ण होती हैं:
- डॉक्टर द्वारा बताई गई Antiplatelet और Heart Medicines नियमित रूप से लेना।
- Cholesterol और Blood Pressure को नियंत्रित रखना।
- Diabetes होने पर Blood Sugar को मैनेज करना।
- Smoking पूरी तरह छोड़ना।
- Heart-Healthy Diet अपनाना।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार धीरे-धीरे Physical Activity शुरू करना।
- जरूरत पड़ने पर Cardiac Rehabilitation में हिस्सा लेना।
इन उपायों का उद्देश्य आगे होने वाले Heart Attack के खतरे को कम करना और बचे हुए Heart Muscle को सुरक्षित रखना है।
Stent जीवन बचा सकता है, लेकिन पूरी बीमारी खत्म नहीं करता
Kuku Kohli की घटना से यह समझना जरूरी है कि Stent लगना Heart Attack के इलाज में बेहद महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, लेकिन यह पूरी Heart Disease का इलाज नहीं है। Stent Blood Flow बहाल कर सकता है, मगर पहले से हो चुके Heart Muscle Damage को उलट नहीं सकता।


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