Super El Niño का मानसून पर असर: कमजोर Monsoon से बढ़ा Drought का खतरा, Paddy Crop पर संकट

नई दिल्ली: Super El Niño के प्रभाव से इस वर्ष भारत में Monsoon असमान बना हुआ है। Pacific Ocean के गर्म होने के कारण भारत से जापान तक Convergence Zone (Trough Line) बनने से देश के कई हिस्सों में बारिश का वितरण प्रभावित हुआ है। इसका असर खेती, जल संसाधनों और मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है।

23% Rainfall Deficit, कई जिलों में कम बारिश

मौसम के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। करीब 60 प्रतिशत जिलों में वर्षा की कमी देखी गई है, जिससे यह पिछले 100 वर्षों के सबसे कमजोर Monsoon में से एक माना जा रहा है।

कई राज्यों में Red Alert

India Meteorological Department (IMD) ने Jammu & Kashmir, Himachal Pradesh, Uttarakhand, Uttar Pradesh, Bihar और North-East के कई हिस्सों में Heavy Rainfall, Landslide और Cloudburst की आशंका को देखते हुए Red Alert जारी किया है।

वहीं South India और West India के कई क्षेत्रों में मानसून कमजोर बना हुआ है, जबकि Delhi-NCR में उमस और गर्मी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Paddy Crop पर बढ़ा संकट

असमान बारिश और कई इलाकों में 36-37°C Temperature रहने से कृषि क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से Paddy (धान) Crop पर इसका असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि धान की खेती पर्याप्त और समय पर बारिश पर निर्भर करती है।

Climate Change से बढ़ी चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि Climate Change के कारण ऐसे चरम मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे निपटने के लिए Rainwater Harvesting, Amrit Sarovar, Soak Pit, Drip Irrigation, बेहतर Dam Management और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाना जरूरी है।

जल संरक्षण पर जोर

विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के बीच Water Conservation और Groundwater Recharge पर विशेष ध्यान देना होगा। टिकाऊ जल प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से ही भविष्य में सूखे और जल संकट जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।

 
 

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