कैप्टन स्मित मच्छार की पूरी कहानी: चाकू के गहरे जख्म, बहता खून… फिर भी बचा ली 174 लोगों की जान

 

Captain Smit Machhar की कहानी इस समय चर्चा में है। दुबई से इजरायल जा रही flydubai Flight में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब को-पायलट ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे आया और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

गंभीर रूप से घायल होने और सिर व हाथ से लगातार खून बहने के बावजूद कैप्टन स्मित ने ऐसा कदम उठाया, जिससे यात्रियों और क्रू को कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। विमान में सवार 174 यात्री और क्रू सुरक्षित रहे। इनमें 27 बच्चे भी शामिल बताए गए हैं।

30 सेकंड में हजारों फीट नीचे आया विमान

रिपोर्ट्स के अनुसार, उड़ान के करीब दो घंटे बाद को-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। इसी दौरान विमान कुछ ही सेकंड में लगभग 14,000 से 17,000 फीट नीचे आ गया।

विमान में मौजूद यात्रियों को तेज झटके महसूस हुए और कुछ यात्री हवा में उछल गए। कॉकपिट से संघर्ष और चीखों की आवाजें सुनकर कुछ यात्रियों और क्रू को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ।

बताया गया कि कैप्टन स्मित घायल अवस्था में कॉकपिट से बाहर आए। उनके सिर और हाथों पर गंभीर चोटें थीं और काफी खून बह रहा था।

कैप्टन स्मित को कितने गंभीर जख्म आए?

विमान में मौजूद एक डॉक्टर मूसायेव ने घायल कैप्टन की स्थिति को बेहद गंभीर बताया। उनके अनुसार, कैप्टन के सिर से काफी खून बह रहा था और हाथों पर भी गहरे कट थे।

डॉक्टर ने उनका खून रोकने की कोशिश की और Blood Pressure को स्थिर किया। गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन स्मित होश में थे और लोगों से बातचीत कर रहे थे।

डॉक्टर के मुताबिक, कैप्टन ने बताया कि उनकी उम्र 39 वर्ष है और उनके दो बच्चे हैं।

घायल होने के बाद भी दबाया कॉकपिट का Door Release

इस पूरी घटना में सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम कॉकपिट के दरवाजे से जुड़ा बताया जा रहा है।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट के Door Release Button को दबाया, जिससे दरवाजा खुल गया। इसके बाद यात्रियों और क्रू को कॉकपिट में पहुंचने का मौका मिला।

इजरायली अधिकारियों की ओर से भी इस कदम को घटना के दौरान महत्वपूर्ण बताया गया है। दरवाजा खुलने के बाद कुछ यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने की कोशिश की।

तीन यात्रियों ने हमलावर को काबू किया

रिपोर्ट्स के अनुसार, तीन इजरायली यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को पकड़ लिया। यात्रियों में Tzvika Menes और Yaniv Hayun भी शामिल थे।

एक यात्री के मुताबिक, जब वह कॉकपिट में पहुंचा तो हमलावर दोनों सीटों के बीच खड़ा था। उसने हमलावर को पकड़कर बाहर खींचने की कोशिश की और विमान को नियंत्रित करने में भी मदद की।

हमलावर को पूरी तरह काबू करने में करीब 20 से 25 मिनट लगे। यात्रियों ने कथित तौर पर कॉर्डेड हेडफोन की मदद से उसे बांध दिया।

कैप्टन स्मित ने हमलावर को नुकसान पहुंचाने से रोका

घटना के दौरान कुछ यात्री हमलावर के खिलाफ और कठोर कार्रवाई करना चाहते थे। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक कैप्टन स्मित और कुछ अन्य यात्रियों ने उन्हें ऐसा करने से रोकते हुए अधिकारियों को कार्रवाई करने देने की बात कही।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन का यह रवैया घटना के दौरान चर्चा का विषय बना।

दो Off-Duty Pilots ने कराई विमान की सुरक्षित Landing

हमलावर को काबू किए जाने के बाद विमान को सुरक्षित उतारना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसी दौरान विमान में यात्री के रूप में सफर कर रहे दो Off-Duty Pilots कॉकपिट में पहुंचे।

इन दोनों पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे Tabuk, Saudi Arabia में सुरक्षित उतारा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान में सवार सभी 174 यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित रहे।

कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं?

Captain Smit Machhar भारतीय नागरिक हैं और flydubai में पायलट के तौर पर काम करते हैं। उनके प्रोफाइल के अनुसार, उनके पास करीब 13 साल का Commercial Aviation Experience है।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भारत की SpiceJet से मुंबई में की थी। यहां उन्होंने Senior Commander और Line Training Captain के तौर पर काम किया। वर्ष 2022 में वह flydubai से जुड़े।

उनका Aviation Career भी काफी दिलचस्प बताया जाता है। उन्होंने पहले Textile Engineering की पढ़ाई की और इसके बाद Management Course किया। इसी दौरान एक Aviation Seminar में शामिल होने के बाद उनकी रुचि विमानन क्षेत्र में बढ़ी।

Trump और Netanyahu ने की तारीफ

घटना के बाद कैप्टन स्मित को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने घटना का जिक्र करते हुए कैप्टन को ‘Hero’ बताया। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारतीय पायलट की बहादुरी को सलाम किया।

नेतन्याहू के अनुसार, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने संघर्ष किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को हमलावर को काबू करने में मदद करने का मौका दिया।

174 लोगों की सुरक्षा में अहम भूमिका

इस पूरी घटना में एक तरफ जहां विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में भूमिका निभाई, वहीं दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारने में मदद की। गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने का कदम भी इस घटनाक्रम का अहम हिस्सा बताया गया है।

इस घटना में 174 लोगों की जान बची और विमान को सुरक्षित लैंड कराया गया।

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