


New Delhi/Dehradun: देश के सबसे महत्वाकांक्षी Delhi-Dehradun Expressway को शुरू हुए अभी केवल तीन महीने ही हुए हैं, लेकिन पहली ही मानसूनी बारिश ने इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई स्थानों पर सड़क धंसने, बड़े गड्ढे बनने और किनारों की मिट्टी कटने की घटनाओं के बाद National Highways Authority of India (NHAI) ने पूरे मामले की जांच के लिए Special Investigation Team (SIT) गठित कर दी है। जांच टीम ने सैंपल लेने का काम शुरू कर दिया है और उसे दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी।
क्या है पूरा मामला?
14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने करीब ₹31,000 करोड़ की लागत से बने Delhi-Dehradun Expressway का उद्घाटन किया था। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली और देहरादून के बीच करीब साढ़े छह घंटे का सफर घटाकर ढाई घंटे करना था।
लेकिन मानसून की पहली ही बारिश के बाद Shamli, Saharanpur और आसपास के कई हिस्सों में सड़क धंसने, बड़े गड्ढे बनने और मिट्टी कटने की घटनाएं सामने आईं। कई वाहनों के Alloy Wheel क्षतिग्रस्त होने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे।
किन जगहों पर सामने आईं खामियां?
बारिश के बाद सबसे ज्यादा नुकसान इन क्षेत्रों में देखने को मिला—
- Gogwan Jalalpur, Hathi Karoda और Khyawadi Cut (Shamli) में सड़क धंसने और बड़े गड्ढे बनने की घटनाएं।
- Nanhera Ghazi (Saharanpur) के पास मिट्टी धंसने से Railway Bridge और एक्सप्रेसवे दोनों पर खतरा।
- Butrada से Bhajju के बीच कई स्थानों पर Service Road और सड़क किनारों का कटाव।
NHAI ने क्या बताया?
प्रारंभिक जांच में NHAI ने माना कि समस्या केवल भारी बारिश नहीं थी, बल्कि कई तकनीकी और स्थानीय कारण भी जिम्मेदार रहे।
मुख्य वजहें:
- Drainage System पूरी तरह चालू नहीं हो पाया।
- भूमि विवाद के कारण स्थायी नालियां और ढलान सुरक्षा का काम अधूरा रह गया।
- स्थानीय लोगों द्वारा जल निकासी वाली पुलिया का रास्ते के रूप में इस्तेमाल किए जाने से पानी की निकासी बाधित हुई।
- शुरुआती जांच में निर्माण गुणवत्ता से जुड़ी कमियां भी सामने आईं।
अब SIT क्यों करेगी जांच?
सिर्फ पैचवर्क कर सड़क ठीक करना पर्याप्त नहीं माना गया। लगातार सामने आ रही तकनीकी खामियों और सार्वजनिक चिंता को देखते हुए NHAI ने स्वतंत्र जांच कराने का फैसला लिया।
SIT के गठन के प्रमुख कारण—
- निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल।
- सड़क के किनारों और ढलानों की सुरक्षा में कमी।
- Drainage System की तकनीकी विफलता।
- भविष्य में बड़े हादसों की आशंका।
- सोशल मीडिया पर बढ़ता जनआक्रोश और विपक्ष द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप।
कैसे होगी SIT की जांच?
SIT में स्वतंत्र Technical Audit Agency, NHAI Engineers, एक सेवानिवृत्त Chief Engineer और Authority Engineer शामिल हैं।
जांच के दौरान—
- दिल्ली से देहरादून के बीच 23 स्थानों पर Core Cutting के जरिए सड़क के नमूने लिए जाएंगे।
- सड़क की ऊपरी परत ही नहीं, बल्कि अंदर की सभी परतों की गुणवत्ता की जांच होगी।
- सड़क के किनारे, मध्य और अन्य लेन से अलग-अलग सैंपल लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण किया जाएगा।
- दिन में ट्रैफिक अधिक होने के कारण अधिकांश जांच रात में की जाएगी।
- आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम छह घंटे के लिए Traffic Diversion भी किया जा सकता है।
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
NHAI ने शुरुआती स्तर पर कई सख्त कदम उठाए हैं।
- निर्माण कंपनी Krishna Constellation Pvt. Ltd. के Project Manager Nagendra Pal Singh को निलंबित किया गया।
- Chaitanya Projects Consultancy के Team Leader Kuldeep Rajdan को भी तत्काल प्रभाव से हटाया गया।
- कई अधिकारियों और कंपनियों को Show Cause Notice जारी किए गए।
- संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर भुगतान रोकने, जुर्माना लगाने और Blacklist करने की चेतावनी दी गई है।
- प्रभावित हिस्सों की मरम्मत और अस्थायी Drainage Channel बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
विपक्ष ने क्या उठाए सवाल?
Congress और Aam Aadmi Party (AAP) ने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
Congress का आरोप है कि इतनी महंगी परियोजना का कुछ ही महीनों में खराब होना निर्माण में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
वहीं AAP ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो साझा करते हुए सरकार के विकास मॉडल पर सवाल उठाए और परियोजना की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग की।
आगे क्या होगा?
SIT दो महीने में अपनी विस्तृत रिपोर्ट NHAI को सौंपेगी। यदि जांच में निर्माण गुणवत्ता, सामग्री या तकनीकी मानकों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आती हैं तो संबंधित ठेकेदारों, कंसल्टेंसी एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, रिपोर्ट के आधार पर पूरे Delhi-Dehradun Expressway की सुरक्षा और गुणवत्ता सुधार के लिए आगे के फैसले लिए जाएंगे।

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