चुनाव आयोग की सख्ती: मतदान के दिन छुट्टी न देने वाले नियोक्ताओं पर लगेगा जुर्माना

नई दिल्ली, 03 अप्रैल। चुनाव आयोग ने 2026 के राज्यों के विधानसभा चुनाव और उपचुनाव के दौरान मतदान के दिन सभी कर्मचारियों को सवेतन अवकाश देने का निर्देश जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक श्रमिकों पर भी लागू होगी और इस दिन के लिए किसी भी प्रकार की वेतन कटौती नहीं की जाएगी।

आयोग ने शुक्रवार को कहा कि असम, केरल, पुडुचेरी, गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में 9 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में होगा—पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा।

आयोग ने बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के तहत प्रत्येक मतदाता, जो किसी भी संस्थान, उद्योग या व्यवसाय में कार्यरत है, मतदान के दिन सवेतन अवकाश का हकदार होगा। यदि कोई नियोक्ता इस प्रावधान का उल्लंघन करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि जो मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर काम कर रहे हैं, उन्हें भी मतदान के लिए सवेतन अवकाश मिलेगा, ताकि वे अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सकें। चुनाव आयोग ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे इन प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें, जिससे सभी मतदाता बिना किसी बाधा के अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें।

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