
Madhya Pradesh की Datia Assembly By-election में मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। यह उपचुनाव भले ही राज्य सरकार के भविष्य का फैसला नहीं करेगा, लेकिन BJP के नए प्रदेश नेतृत्व के लिए यह पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा बन गया है। वहीं, आंतरिक कलह से जूझ रही Congress ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है।
ताजा रुझानों के अनुसार Congress Candidate Kunwar Ghanshyam Singh करीब 6,500 Votes से आगे चल रहे हैं, जबकि मतगणना के अभी सात दौर बाकी हैं।
Congress में अंदरूनी कलह के बावजूद बढ़त
मतगणना से ठीक एक दिन पहले Congress ने अपने पूर्व विधायक Rajendra Bharti को पार्टी से निलंबित कर दिया। Rajendra Bharti की Bank Fraud Conviction के कारण ही यह By-election कराना पड़ा था।
Kunwar Ghanshyam Singh ने आरोप लगाया था कि Rajendra Bharti पार्टी के खिलाफ काम कर रहे हैं। वहीं, Bharti ने भी दावा किया कि Singh को BJP के वरिष्ठ नेता Narottam Mishra का समर्थन प्राप्त है।
इसके अलावा टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं, खासकर Awadhesh Nayak, की नाराजगी भी Congress के लिए चुनौती बनी रही। इसके बावजूद पार्टी मतगणना में लगातार बढ़त बनाए हुए है।
Narottam Mishra फैक्टर बना चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा
इस चुनाव का सबसे बड़ा चेहरा वह नेता रहे, जिन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ा।
BJP ने छह बार के विधायक और पूर्व Home Minister Narottam Mishra का टिकट काटकर पहली बार चुनाव लड़ रहे Tiwari को उम्मीदवार बनाया। इस फैसले के बाद BJP के भीतर भारी विरोध देखने को मिला।
Narottam Mishra के समर्थकों ने सड़कें जाम कीं, कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया और विरोध प्रदर्शन हिंसक भी हो गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। बाद में Mishra ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की और Tiwari के समर्थन में प्रचार भी किया।
हालांकि, सवाल यही बना रहा कि क्या वर्षों से Narottam Mishra के साथ जुड़ा जनाधार और संगठनात्मक समर्थन इतनी जल्दी किसी नए उम्मीदवार को मिल सकता है।
BJP ने क्यों बदला उम्मीदवार?
पार्टी के भीतर माना जा रहा था कि Narottam Mishra को Anti-Incumbency का सामना करना पड़ रहा था। 2023 Assembly Election में उनकी हार के बाद स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ा था।
इसी वजह से BJP Leadership ने अपेक्षाकृत नए और RSS Background वाले Tiwari को मैदान में उतारा। हालांकि, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं का समर्थन नए उम्मीदवार के पक्ष में पूरी तरह स्थानांतरित नहीं हो सका।
दोनों पार्टियों की अलग-अलग रणनीति
Chief Minister Mohan Yadav, नए BJP State President Hemant Khandelwal, Deputy Chief Minister Jagdish Devda सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने पूरे दमखम के साथ प्रचार किया। BJP ने इस एक सीट के चुनाव को अपनी संगठनात्मक ताकत की परीक्षा बना दिया।
दूसरी ओर Congress ने पूरी तरह स्थानीय मुद्दों पर फोकस किया। पार्टी ने Farmer Distress, Erratic Rainfall, Fertiliser Shortage, Unemployment और OBC Voters से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
Voting Pattern ने दिए अहम संकेत
इस By-election में कुल 71.44% Voter Turnout दर्ज हुआ।
- Urban Areas में लगभग 62% Voting हुई।
- Rural Areas में करीब 78% Voting दर्ज की गई।
- Male Turnout 74.09% रहा।
- Female Turnout 68.48% दर्ज किया गया।
महिला मतदान अपेक्षा से कम रहने को BJP के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी को अपनी Women Welfare Schemes से बेहतर समर्थन मिलने की उम्मीद थी।
क्या कहते हैं शुरुआती रुझान?
फिलहाल के रुझान संकेत दे रहे हैं कि Congress ने आंतरिक विवादों के बावजूद स्थानीय मुद्दों और BJP के भीतर की नाराजगी का फायदा उठाया है। दूसरी ओर BJP के लिए यह चुनाव सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि नए नेतृत्व और संगठन की मजबूती की बड़ी परीक्षा बन गया है। हालांकि अंतिम नतीजा सभी Counting Rounds पूरे होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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