राजस्थान में वाहन मालिकों को बड़ी राहत: RC रिन्यू कराने पर लेट फीस में छूट, ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए नए नियम लागू

जयपुर: राजस्थान सरकार ने किसानों और वाहन स्वामियों को राहत देते हुए कृषि ट्रैक्टर और गैर-परिवहन श्रेणी के दोपहिया वाहनों के पंजीयन प्रमाण-पत्र (RC) के नवीनीकरण में देरी पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क में विशेष छूट देने का फैसला किया है। यह राहत 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। इसके साथ ही व्यावसायिक उपयोग में आने वाली कृषि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लिए नए नियम भी जारी किए गए हैं।

परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक राहत देना, सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और मोटर वाहन अधिनियम व सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है।

RC नवीनीकरण पर मिलेगी विशेष राहत

नई अधिसूचना के अनुसार कृषि कार्य में प्रयुक्त ट्रैक्टरों के RC नवीनीकरण में एक वर्ष तक की देरी होने पर 500 रुपये प्रति माह की दर से अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 2,500 रुपये होगी। यदि देरी एक वर्ष से अधिक है, तब भी अधिकतम अतिरिक्त शुल्क 5,000 रुपये से अधिक नहीं होगा।

वहीं, गैर-परिवहन श्रेणी के दोपहिया वाहनों के लिए RC नवीनीकरण में देरी होने पर 300 रुपये प्रति माह की दर से अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 1,000 रुपये निर्धारित की गई है। परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से 30 सितंबर 2026 से पहले इस विशेष छूट का लाभ उठाने की अपील की है।

व्यावसायिक ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए नए नियम

सरकार ने व्यावसायिक उपयोग में लाई जा रही कृषि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के संचालन को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अनुसार राज्य में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग ईंट, बजरी, रेत, पत्थर, खनिज और अन्य निर्माण सामग्री के व्यावसायिक परिवहन में किया जा रहा है।

नई व्यवस्था के तहत यदि कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली माल ढुलाई, निर्माण कार्य, खनन या अन्य व्यापारिक गतिविधियों में उपयोग की जाती है, तो उसका व्यावसायिक पंजीकरण अनिवार्य होगा। केवल कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियां इस नियम से मुक्त रहेंगी।

इन दस्तावेजों की होगी अनिवार्यता

व्यावसायिक उपयोग वाली प्रत्येक ट्रॉली का अलग पंजीकरण किया जाएगा और उसे अलग पंजीकरण संख्या तथा विशिष्ट चेसिस नंबर दिया जाएगा। ऐसे वाहनों के लिए वैध पंजीकरण प्रमाण-पत्र, फिटनेस सर्टिफिकेट, व्यावसायिक बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUC), वैध ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित मोटर वाहन कर का भुगतान अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पांच जिलों से शुरू होगा अभियान

इन नए नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पहले चरण में धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा और बूंदी जिलों में विशेष संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में परिवहन विभाग, पुलिस, खनन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगी। इसके बाद व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से पूरे राजस्थान में लागू किया जाएगा।

परिवहन विभाग ने अधिकारियों को वाहन डीलरों, व्यापारिक संगठनों, मंडी समितियों और अन्य संबंधित संस्थाओं के सहयोग से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए हैं।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से किसानों और वाहन स्वामियों को आर्थिक राहत मिलेगी, ट्रैक्टर-ट्रॉली के व्यावसायिक संचालन में पारदर्शिता आएगी, अवैध खनन और अवैध परिवहन पर अंकुश लगेगा तथा सड़क सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।

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