अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में अब भाजपा के वरिष्ठ नेता और राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल विनय कटियार ने भी चिंता जताई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
“दोषियों को बख्शा न जाए” : विनय कटियार
मीडिया से बातचीत में विनय कटियार ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए हजारों लोगों ने संघर्ष किया और कई लोगों ने बलिदान दिए। ऐसे में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन के दुरुपयोग की किसी भी आशंका को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में ट्रस्ट से जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे पद से हटाकर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। कटियार ने यह भी कहा कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने भी जताई सख्त कार्रवाई की बात
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार हर पहलू की जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी, चाहे उसका पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो।
SIT का गठन, दो कर्मचारी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
जांच टीम में:
- विजय विश्वास पंत (लखनऊ मंडल आयुक्त)
- किरण एस. (पुलिस महानिरीक्षक)
- नील रतन (विशेष सचिव, वित्त विभाग)
को शामिल किया गया है।
जांच के दौरान मंदिर से जुड़े दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार एक कर्मचारी के घर से लगभग 10 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। बरामद राशि के स्रोत और उपयोग की जांच की जा रही है।
आंतरिक ऑडिट में सामने आई थीं अनियमितताओं की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, मंदिर ट्रस्ट द्वारा कराए गए आंतरिक ऑडिट के दौरान दान पेटियों से प्राप्त नकदी और अन्य चढ़ावे के प्रबंधन में कुछ विसंगतियों के संकेत मिले थे। इसके बाद मंदिर परिसर और दान संग्रहण केंद्रों के CCTV फुटेज की भी जांच की गई।
जांच के दौरान एक कर्मचारी की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
अखिलेश यादव ने भी उठाए सवाल
इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग तब लिया जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित चढ़ावा गड़बड़ी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि दान राशि के प्रबंधन में कोई गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
ट्रस्ट कर रहा जांच एजेंसियों का सहयोग
वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा है कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है। ट्रस्ट का कहना है कि सत्य सामने लाने और मंदिर की छवि को प्रभावित करने वाले किसी भी संदेह को दूर करने के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।
फिलहाल SIT मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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