Supreme Court ने CJP Protest पर Police Violence का स्वत: संज्ञान लेने से किया इनकार, CJI बोले- ‘Don’t Waste Our Time’

नई दिल्ली: Supreme Court ने Cockroach Janta Party (CJP) के “Chalo Sansad” Protest के दौरान छात्रों पर कथित Police Violence को लेकर स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लेने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान Chief Justice of India (CJI) Surya Kant ने कथित वीडियो साक्ष्यों पर विचार करने से भी मना कर दिया।

CJI ने क्या कहा?

मामले का उल्लेख करते हुए एक वकील ने अदालत से दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई पर स्वत: संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के वीडियो मौजूद हैं।

इस पर CJI Surya Kant ने कहा, “Don’t waste our time, and don’t waste your time.” जब वकील ने वीडियो दिखाने की पेशकश की तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “We are not interested in videos. We don’t have time to watch them.”

प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?

वकील ने अदालत को बताया कि CJP के बैनर तले हजारों छात्र “Chalo Sansad” मार्च में शामिल हुए थे। उनकी प्रमुख मांगों में—

  • NEET Exam को निष्पक्ष तरीके से कराना,
  • National Testing Agency (NTA) में सुधार,
  • कथित Paper Leak मामलों को लेकर Union Education Minister Dharmendra Pradhan का इस्तीफा,

शामिल था।

Delhi High Court ने भी नहीं दी तत्काल सुनवाई

इससे एक दिन पहले Delhi High Court के मुख्य न्यायाधीश D.K. Upadhyaya ने भी पुलिस की कथित ज्यादती से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि मामला निर्धारित प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध होगा।

20 July को क्या हुआ था?

20 जुलाई को CJP के “Chalo Sansad” Protest के दौरान Delhi Police ने प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोका। कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। इसी दौरान Internet Shutdown भी लागू किया गया था।

वहीं, CJP के प्रतिनिधि Saurav Das और Ashutosh Ranka ने Union Health Minister J.P. Nadda से मुलाकात कर Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग का ज्ञापन सौंपा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने संसद और संसद परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। Leader of Opposition Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से छात्रों से माफी मांगने और Dharmendra Pradhan तथा Amit Shah के इस्तीफे की मांग दोहराई।

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