Parliament Monsoon Session: संसद में कई अहम Bills होंगे पेश, विपक्ष की मांग पर हंगामे के आसार

Parliament Monsoon Session: अंतिम सप्ताह में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में

Parliament Monsoon Session: संसद के मॉनसून सत्र का आखिरी सप्ताह आज से शुरू हो रहा है। सत्र के बचे हुए तीन दिनों में सरकार कई महत्वपूर्ण Bills को सदन में चर्चा और पारित कराने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, इनमें से कई विधेयक पहले से ही राजनीतिक बहस और विवाद का मुद्दा बने हुए हैं।

इसी को देखते हुए Congress ने अपने सांसदों को संसद में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के लिए Whip जारी किया है। पार्टी ने INDIA Alliance में शामिल सहयोगी दलों से भी सदन की कार्यवाही के दौरान सांसदों की पूरी मौजूदगी सुनिश्चित करने की अपील की है।

FCRA Bill को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा

सरकार जिन प्रस्तावित विधेयकों को आगे बढ़ाना चाहती है, उनमें FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) Bill खास तौर पर चर्चा में है। विदेशी चंदे से जुड़े नियमों में बदलाव करने वाले इस प्रस्ताव को लेकर देश के साथ-साथ अमेरिका में भी आपत्तियां सामने आई हैं।

इसके अलावा सरकार Higher Education Sector में बदलाव और पुनर्गठन से जुड़े विधेयक, Vande Mataram को कानूनी संरक्षण देने वाले प्रस्ताव और Tribunal Reforms से संबंधित Bill को भी आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

विपक्ष इन प्रस्तावों को लेकर पहले ही सवाल खड़े कर चुका है और सरकार के रुख पर लगातार निशाना साध रहा है।

पहले दो हफ्तों में कितने Bills हुए पास?

Monsoon Session के शुरुआती दो सप्ताह यानी 20 जुलाई से 7 अगस्त के बीच Lok Sabha में छह Bills पारित हुए, जबकि Rajya Sabha में दो Bills को मंजूरी मिली।

विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार कई महत्वपूर्ण Bills को पर्याप्त चर्चा के बिना जल्दबाजी में पारित करा रही है। विपक्ष का कहना है कि सदन में विधेयकों पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए ताकि सभी दल अपनी बात रख सकें।

दूसरी ओर, सरकार विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करती रही है। सरकार का कहना है कि विपक्ष कई बार चर्चा में शामिल होने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने और Protest Politics करने पर ज्यादा जोर देता है।

आखिरी तीन दिनों में भी टकराव के आसार

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, मॉनसून सत्र के आखिरी तीन दिन भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव वाले हो सकते हैं। सरकार अपने एजेंडे के तहत लंबित विधेयकों को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि विपक्ष इन Bills पर पर्याप्त चर्चा की मांग कर रहा है।

राजनीतिक विश्लेषक हेमंत अत्री के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों में सरकार ने जिन विधेयकों को कम समय में पारित कराया है, उससे संकेत मिलता है कि सरकार अपने मौजूदा रुख में बदलाव करने के मूड में नहीं है। उनके अनुसार, हालिया युवा आंदोलन के बाद भी सरकार और विपक्ष के बीच बना Political Standoff आने वाले दिनों में सदन के भीतर दिखाई दे सकता है।

Political Agenda से जुड़े Bills पर सरकार की नजर

राजनीतिक विशेषज्ञ शरद गुप्ता का मानना है कि FCRA और Vande Mataram से जुड़े प्रस्तावों को संसद में लाकर सरकार एक बार फिर राजनीतिक माहौल को परखने की कोशिश कर सकती है।

उनके अनुसार, सरकार समय-समय पर अपने Political Agenda से जुड़े मुद्दों को संसद में लाकर विपक्ष और जनता की प्रतिक्रिया को समझने की कोशिश करती रही है। ऐसे में इन विधेयकों को लेकर संसद में आने वाले दिनों में बहस और राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

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