
Mathura-Vrindavan: Hariyali Teej 2026 के पावन अवसर पर वृंदावन का Banke Bihari Temple भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया। हरियाली तीज पर ठाकुरजी के विशेष Shringar और Jhulan Darshan के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृंदावन पहुंचे।
इस खास अवसर पर Banke Bihari Ji को हरे रंग के आकर्षक परिधान और आभूषणों से सजाया गया। बताया गया कि ठाकुरजी को करीब 8 लाख रुपये की पोशाक धारण कराई गई। मंदिर परिसर को भी फूलों, हरियाली और आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया।
1000 किलो के स्वर्ण-रजत हिंडोले पर विराजे ठाकुरजी
हरियाली तीज के अवसर पर ठाकुरजी राधारानी के साथ करीब 1000 किलो वजन वाले सोने-चांदी से सुसज्जित भव्य Hindola पर विराजमान हुए। हिंडोले के आसपास चार सखियों की मौजूदगी भी इसे खास बना रही थी।
मान्यता है कि Hariyali Teej पर बांके बिहारी के हिंडोला दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व है। श्रद्धालु इसे सौभाग्य, सुख-शांति और मनोकामना पूर्ति से जोड़कर देखते हैं।
Banke Bihari Darshan के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब
मंगला दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। ठाकुरजी की एक झलक पाने के लिए भक्त काफी उत्साहित नजर आए। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
ठाकुरजी के लिए विशेष रूप से घेवर और छप्पन भोग भी तैयार किया गया। राधारानी और ठाकुरजी के मनमोहक स्वरूप को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।
राधारानी के साथ ठाकुरजी का अनोखा स्वरूप
हरियाली तीज के मौके पर ठाकुरजी को राधारानी के साथ बाल स्वरूप में हिंडोले पर विराजमान कराया गया। धार्मिक मान्यताओं और ब्रज की परंपराओं में इस दृश्य को भगवान कृष्ण और राधारानी के प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
हिंडोले से जुड़ी मान्यता के अनुसार, विश्राम के समय ठाकुरजी राधारानी के केश संवारते हैं और उनके थक जाने पर पैर दबाते हैं। यही वजह है कि हरियाली तीज के Jhulan Darshan को भक्त बेहद विशेष मानते हैं।
Hariyali Teej पर झूला झुलाने की परंपरा
ब्रज में Hariyali Teej का पर्व भगवान कृष्ण और राधारानी के प्रेम और मिलन से जुड़ा माना जाता है। इस दिन मंदिरों में भगवान को झूले पर विराजमान कराकर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
भक्तों की मान्यता है कि इस दिन ठाकुरजी के हिंडोला दर्शन करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और परिवार में प्रेम व समृद्धि बनी रहती है। इसी आस्था के चलते हर साल हरियाली तीज पर वृंदावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।







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