NTA ने Paper Leak Video को बताया फर्जी, NEET-UG 2026 Re-Exam शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न

नई दिल्ली। National Testing Agency (NTA) ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस वीडियो को पूरी तरह से Fake करार दिया है, जिसमें NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने का दावा किया गया था। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई गई जानकारी भ्रामक है और परीक्षा कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सफलतापूर्वक आयोजित की गई।

NTA ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस तरह की झूठी सामग्री तैयार कर उसे जानबूझकर प्रसारित करना एक गंभीर अपराध है। एजेंसी ने बताया कि I4C और विभिन्न Law Enforcement Agencies की सहायता से वीडियो के स्रोत और इसे फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

Official Sources पर भरोसा करने की अपील

एजेंसी ने छात्रों, अभिभावकों और आम जनता से केवल Official Website और Verified Social Media Handles से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने की अपील की। साथ ही लोगों से अपुष्ट और भ्रामक सामग्री को साझा न करने का आग्रह किया गया।

20 Lakh+ Aspirants ने दी परीक्षा

रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित NEET-UG Re-Examination में देशभर के 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। इससे पहले प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के चलते मूल परीक्षा को रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।

NTA Director General Abhishek Singh ने कहा कि केंद्र और राज्य स्तर पर अपनाए गए Whole-of-Government Approach की बदौलत इतनी बड़ी परीक्षा को मात्र 37 Days के भीतर दोबारा आयोजित करना संभव हो सका।

5,440 Exam Centres और 14 Overseas Centres पर परीक्षा

एजेंसी के अनुसार, परीक्षा भारत के 5,440 Exam Centres तथा विदेशों में स्थित 14 Centres पर आयोजित की गई। परीक्षा 13 Languages में आयोजित हुई, जिनमें Hindi और English भी शामिल थीं।

NTA ने बताया कि परीक्षा संचालन में लगभग 7 Lakh Officials, जिनमें पुलिसकर्मी, पर्यवेक्षक और परीक्षा कर्मी शामिल थे, तैनात किए गए।

Security Measures रहे बेहद सख्त

परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए Aadhaar-Based Biometric Authentication, Face Recognition, CCTV Surveillance, Signal Jammers और Two-Layer Frisking System का उपयोग किया गया।

इसके अलावा Command and Control Centres राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर स्थापित किए गए, जहां से परीक्षा केंद्रों की निगरानी की गई।

Special Arrangements से मिला उम्मीदवारों को सहयोग

एजेंसी ने बताया कि 10,000 से अधिक Persons with Disabilities (PwDs) के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। इसके अलावा गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लगभग 81 Candidates के लिए भी विशेष सहायता उपलब्ध कराई गई।

इनमें सड़क दुर्घटना में घायल एक छात्र और Chemotherapy से गुजर रहे एक अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल होने के लिए विशेष सुविधाएं दी गईं।

Impersonation Cases और नियम उल्लंघन के प्रयास नाकाम

Abhishek Singh ने बताया कि कुछ केंद्रों पर गलत Admit Cards, फर्जी प्रवेश पत्र और Impersonation के मामले सामने आए। वहीं कुछ अभ्यर्थियों द्वारा मोबाइल फोन ले जाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन सुरक्षा जांच के दौरान ऐसे मामलों को पकड़ लिया गया और आवश्यक कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि कड़ी निगरानी और तकनीकी सुरक्षा उपायों की वजह से किसी भी प्रकार के Unfair Means को सफल नहीं होने दिया गया।

Paper Leak Investigation जारी

इस बीच कथित Paper Leak Case की जांच अभी जारी है। वहीं हाल ही में गठित Cockroach Janta Party, जिसके प्रमुख Abhijeet Dipke हैं, इस मुद्दे को लेकर विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। संगठन ने Education Minister Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।

Education Minister ने की तैयारियों की समीक्षा

Union Education Minister Dharmendra Pradhan ने दिल्ली स्थित NTA Headquarters में परीक्षा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मंत्रालय के अनुसार, उन्हें परीक्षा के सुचारु और पारदर्शी संचालन के लिए किए गए Logistical और Technical Arrangements की विस्तृत जानकारी दी गई।

NTA का कहना है कि परीक्षा के सफल आयोजन में CAPF, विभिन्न Central Ministries और राज्य प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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