Gold Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते Geopolitical Tensions और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर सोने पर साफ दिखाई दे रहा है। घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतों में लगातार सातवें कारोबारी सत्र गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना गिरकर करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
वैश्विक बाजार में भी सोना तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे Inflation और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी वजह से निवेशकों ने सोने में बिकवाली बढ़ाई है
MCX पर कितना गिरा Gold?
Multi Commodity Exchange (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव ₹1,51,729 से ₹1,559 यानी 1.03% गिरकर ₹1,50,170 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
दिसंबर डिलीवरी वाले अनुबंध में भी कमजोरी रही। यह ₹1,753 यानी 1.14% की गिरावट के साथ ₹1,51,540 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
वहीं न्यूयॉर्क के COMEX बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 46.46 डॉलर यानी 1.06% गिरकर करीब 4,349.94 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
Crude Oil की तेजी ने बदला Gold का समीकरण
आमतौर पर युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के दौरान सोने को Safe Haven Asset माना जाता है। लेकिन मौजूदा हालात में तस्वीर कुछ अलग है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर आशंकाएं बढ़ी हैं। इसके चलते Brent Crude बुधवार को करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया और सत्र के दौरान इससे ऊपर भी कारोबार किया।
महंगे तेल का सीधा असर वैश्विक Inflation पर पड़ने की आशंका है। बाजार को डर है कि अगर महंगाई लंबे समय तक ऊंची रहती है तो अमेरिकी Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें ऊंचा रख सकता है या आगे दर बढ़ाने पर विचार कर सकता है।
बढ़ती Interest Rate Expectations बनी सोने की कमजोरी की वजह
सोने से निवेशकों को कोई नियमित Interest Income नहीं मिलता। ऐसे में जब ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद होती है, तो निवेशकों के लिए बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाली संपत्तियां ज्यादा आकर्षक हो जाती हैं।
इसके अलावा मजबूत US Dollar ने भी सोने पर दबाव बढ़ाया है। डॉलर मजबूत होने पर अमेरिकी मुद्रा में कीमत वाला सोना दूसरे देशों के निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है
यही वजह है कि इस बार भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद Gold में Safe Haven Buying के बजाय बिकवाली देखने को मिल रही है।
अब किन संकेतों पर रहेगी बाजार की नजर?
आने वाले दिनों में सोने की दिशा तय करने में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की बड़ी भूमिका रहेगी। निवेशकों की नजर खास तौर पर US Employment Data और महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर है।
इन आंकड़ों से यह संकेत मिलेगा कि Federal Reserve की अगली Monetary Policy में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख रह सकता है। मौजूदा बाजार कीमतों में सितंबर की बैठक में दर बढ़ने की संभावना भी काफी बढ़ गई है।
अगर अमेरिकी आर्थिक आंकड़े मजबूत रहते हैं और ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद मजबूत होती है, तो सोने पर दबाव आगे भी बना रह सकता है। वहीं कमजोर आर्थिक आंकड़ों से Rate Cut की उम्मीद बढ़ी तो Gold में फिर से खरीदारी लौट सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मौजूदा गिरावट को देखते हुए निवेशकों के लिए Panic Selling से बचना जरूरी है। सोने की कीमत पर फिलहाल Crude Oil, Dollar, Inflation और Fed Policy चारों का असर दिखाई दे रहा है।
इसलिए आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और पश्चिम एशिया में तनाव की दिशा पर नजर रखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। मौजूदा गिरावट के बावजूद सोने की अगली चाल केवल भू-राजनीतिक तनाव से नहीं, बल्कि Interest Rate Outlook से भी तय होगी।


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