रेलवे पेंशनर्स की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹32,500 करने और 65 साल से अतिरिक्त लाभ देने की उठी आवाज

8वें वेतन आयोग के गठन से पहले रेलवे पेंशनर्स के हितों को लेकर ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन ने केंद्र सरकार और रेलवे बोर्ड के सामने बड़ा मांगपत्र रखा है। फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को 36 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं और भत्तों में व्यापक सुधार की मांग की है।

न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर ₹32,500 करने की मांग

फेडरेशन की सबसे प्रमुख मांगों में न्यूनतम पेंशन को मौजूदा ₹9,000 से बढ़ाकर ₹32,500 करना शामिल है। इसके अलावा 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन लाभ देने की मांग भी उठाई गई है, ताकि बुजुर्ग पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिल सके।

ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन नियमों में बदलाव की मांग

मांगपत्र में कहा गया है कि ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए किया जाए। वहीं, पेंशन कम्यूटेशन की बहाली अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करने की मांग भी की गई है।

महंगाई राहत और मेडिकल अलाउंस में बढ़ोतरी

फेडरेशन ने मांग की है कि महंगाई राहत (DR) 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल पेंशन में मर्ज किया जाए। साथ ही फिक्स मेडिकल अलाउंस को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह किया जाए। इसके अलावा रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए वन रैंक, वन पेंशन व्यवस्था लागू करने की भी मांग रखी गई है।

रेलवे अस्पतालों को कॉर्पोरेट स्तर पर विकसित करने का प्रस्ताव

शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि देश के सभी 18 जोनल रेलवे अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए प्रत्येक अस्पताल को ₹200 करोड़ का विशेष बजट दिया जाना चाहिए। उन्होंने रेफरल प्रक्रिया को सरल बनाने, बड़े अस्पतालों में 20 नए प्राइवेट वार्ड शुरू करने और इमरजेंसी इलाज की वित्तीय सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की मांग भी की।

बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए विशेष सुविधा की मांग

फेडरेशन ने तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनर्स को HRMS सिस्टम के बजाय मैन्युअल पास सुविधा देने की मांग की है। इसके तहत छह सेट कॉम्प्लीमेंट्री टिकट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है।

पुराने PPO सुधारने और पेंशन रिकवरी पर रोक की मांग

मांगपत्र में जून 2016 से पहले जारी PPO (पेंशन भुगतान आदेश) में मौजूद त्रुटियों को जल्द सुधारने और बिना पूर्व सूचना के की जाने वाली पेंशन रिकवरी पर रोक लगाने की मांग भी शामिल है।

फेडरेशन का कहना है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले रेलवे पेंशनर्स की लंबित समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है, ताकि लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत मिल सके।

 

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