बाल सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क, सूचना पर चला संयुक्त सर्च अभियान

रुद्रप्रयाग: जनपद में बाल सुरक्षा और संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में श्रम विभाग के नेतृत्व में बाल सुरक्षा को लेकर एक संयुक्त सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस अभियान में बाल कल्याण समिति, पुलिस विभाग और चाइल्डलाइन 1098 की संयुक्त टीम शामिल रही।

दरअसल, टीम को किसी माध्यम से एक स्ट्रीट चाइल्ड (सड़क पर रहने वाले लावारिस बच्चे) के असुरक्षित स्थिति में होने की गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न संभावित स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाया। टीम ने संदिग्ध ठिकानों और सार्वजनिक स्थलों पर निरीक्षण करने के साथ-साथ आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। हालांकि, काफी प्रयास के बाद भी मौके पर कोई बच्चा नहीं मिला और न ही कोई बच्चा असुरक्षित स्थिति में पाया गया।

हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की प्रतिबद्धता
रुद्रप्रयाग अभियान में शामिल अधिकारियों ने बताया कि बच्चों से जुड़ी किसी भी प्रकार की सूचना को प्रशासन बेहद गंभीरता से लेता है। सूचना मिलते ही तत्काल रेस्क्यू टीमें सक्रिय हो जाती हैं ताकि संकटग्रस्त या जरूरतमंद बच्चों तक समय रहते जरूरी मदद और संरक्षण पहुंचाया जा सके। प्रशासन लगातार ऐसे अभियानों के जरिए बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहा है।

प्रशासन की अपील: 1098 पर दें सूचना
रुद्रप्रयाग। जिला प्रशासन और बाल संरक्षण से जुड़ी टीमों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे बाल सुरक्षा में अपनी सहभागिता निभाएं। यदि आपको कहीं भी कोई लावारिस, संकटग्रस्त या असुरक्षित स्थिति में बच्चा दिखाई देता है, तो उसकी सूचना तुरंत चाइल्डलाइन के टोल-फ्री नंबर 1098 पर दें। आपकी एक सजग सूचना किसी बच्चे का भविष्य संवार सकती है।

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