
चंडीगढ़। हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण के पूरा होने के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। नई सूची में कुल 2.06 करोड़ मतदाताओं में से 1,72,27,135 मतदाताओं के नाम प्रकाशित किए गए हैं, जबकि 33.84 लाख नाम हटाए गए हैं। हटाए गए मतदाताओं में सबसे अधिक संख्या गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरी क्षेत्रों की बताई गई है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, हटाए गए 33.84 लाख नामों में 9.36 लाख ऐसे मतदाता हैं जो दिए गए पते पर नहीं मिले, 13.75 लाख स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर जा चुके हैं, 7.66 लाख मतदाताओं को मृत घोषित किया गया है, जबकि करीब 2.05 लाख नाम अन्य स्थानों की मतदाता सूची में पहले से दर्ज पाए गए।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल मसौदा सूची है। दावा और आपत्तियां 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दर्ज कराई जा सकती हैं, जबकि उनका निस्तारण 28 सितंबर तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 3 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
आयोग ने बताया कि 18.57 लाख ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिनका मिलान वर्ष 2002 के विशेष पुनरीक्षण के रिकॉर्ड से नहीं हो सका। ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके अलावा 28.62 लाख मामलों में समान जनसांख्यिकीय विवरण और 26.29 लाख मामलों में आयु व पारिवारिक संबंधों से जुड़ी विसंगतियां भी सामने आई हैं, जिनकी जांच बूथ लेवल अधिकारी (BLO) करेंगे।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए आयोग ने निर्धारित प्रपत्र जारी किए हैं। नया नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, एनआरआई मतदाता के लिए फॉर्म-6A, किसी नाम पर आपत्ति या नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 तथा पता, विवरण या अन्य संशोधन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जाएंगे।
निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम अंतिम रूप से हटाने से पहले उसे नोटिस जारी किया जाएगा और अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के निर्णय से असंतुष्ट होता है तो वह 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील कर सकता है। इसके बाद भी असंतोष होने पर 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दूसरी अपील का प्रावधान है।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम में सबसे अधिक 29.27 प्रतिशत, फरीदाबाद में 27.43 प्रतिशत, पंचकूला में 23.29 प्रतिशत, सोनीपत में 19.38 प्रतिशत, पानीपत में 18.86 प्रतिशत, रोहतक में 18.76 प्रतिशत और झज्जर में 18.04 प्रतिशत मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से हटाए गए हैं।

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