
Lok Sabha ने बुधवार को विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 को Voice Vote से पारित कर दिया। सरकार ने इसे सार्वजनिक परीक्षाओं को अधिक Transparent, Fair और Credible बनाने की दिशा में अहम कदम बताया। वहीं, चर्चा के दौरान Rahul Gandhi के भाषण और उनकी टिप्पणियों को लेकर सदन में तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
सरकार ने बताया क्यों जरूरी है Amendment Bill
विधेयक पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने कहा कि सरकार NEET Paper Leak जैसे मामलों में पहले ही सख्त कार्रवाई कर चुकी है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लगातार कानून को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन पिछले अनुभवों से सीख लेकर लाया गया है ताकि भविष्य में Paper Leak जैसी घटनाओं पर और प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।
सरकार ने साझा किए आंकड़े
सरकार के अनुसार, Anti Paper Leak Law लागू होने के बाद अब तक 52 FIRs दर्ज की जा चुकी हैं। मंत्री ने यह भी दावा किया कि पेपर लीक से जुड़े मामलों के कारण होने वाली आत्महत्याओं में कमी आई है, जिसे उन्होंने कानून के सकारात्मक प्रभाव का संकेत बताया।
Rahul Gandhi ने छात्रों के आंदोलन का किया समर्थन
विधेयक पर चर्चा के दौरान Rahul Gandhi ने कहा कि छात्रों का आंदोलन देश के युवाओं की भावनाओं और चिंताओं की अभिव्यक्ति है। उनके मुताबिक, यह आंदोलन गुस्से या नफरत का नहीं बल्कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को छात्रों की बात गंभीरता से सुननी चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
Rahul Gandhi ने कहा कि छात्रों से बातचीत के दौरान उन्हें शिक्षा व्यवस्था को लेकर नया नजरिया मिला। उन्होंने दावा किया कि छात्रों का संघर्ष केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी Education System में सुधार की मांग से जुड़ा है। उन्होंने शिक्षा की बढ़ती लागत और परीक्षाओं पर होने वाले खर्च को भी बड़ा मुद्दा बताया।
‘Idiot’ और ‘Andhbhakt’ शब्दों पर मचा विवाद
भाषण के दौरान Rahul Gandhi ने छात्रों से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए “Idiot”, “Andhbhakt” और “Murkh” जैसे शब्दों का उल्लेख किया। इस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने इन शब्दों को असंसदीय बताते हुए कार्यवाही से हटाने की मांग की। इस पर Lok Sabha Speaker Om Birla ने कहा कि जो भी शब्द नियमों के अनुसार असंसदीय होंगे, उन्हें रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।
सरकार का दावा- परीक्षा प्रणाली होगी और मजबूत
सरकार का कहना है कि यह संशोधन केवल सजा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की Integrity, Transparency और Credibility को मजबूत करना है। सरकार ने कहा कि Exam Mafia और अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ अब और प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
हंगामे के बीच पारित हुआ विधेयक
विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच छात्रों के आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था, Jantar Mantar की घटनाओं और सदन में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर तीखी बहस हुई। बावजूद इसके, Lok Sabha ने Anti Paper Leak Amendment Bill 2026 को Voice Vote से पारित कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

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