बदरीनाथ धाम में VIP दर्शन शुल्क पर विवाद, 1100 रुपये वसूली पर उठे सवाल; बीकेटीसी ने ऑडिट की कही बात

चमोली: बदरीनाथ धाम में वीआईपी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं से 1100 रुपये शुल्क लिए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि यह व्यवस्था बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की औपचारिक मंजूरी के बिना लागू की गई। मामले के सामने आने के बाद इसकी वैधता और शुल्क से एकत्र धनराशि के उपयोग को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, मई और जून में यात्रा सीजन के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कुछ लोगों को शुल्क लेकर विशेष व्यवस्था के तहत दर्शन कराए गए। बताया जा रहा है कि जून के अंतिम सप्ताह से प्रति व्यक्ति 1100 रुपये लेकर बैक डोर से वीआईपी दर्शन की व्यवस्था शुरू की गई थी।

विवाद के केंद्र में बीकेटीसी के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने प्रोटोकॉल व्यवस्था के दौरान शुल्क आधारित वीआईपी दर्शन प्रणाली लागू कराई। मामले की शिकायत के बाद अब इस व्यवस्था से प्राप्त धनराशि का ऑडिट कराने की बात कही जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कुल कितनी राशि एकत्र हुई और उसका उपयोग किस मद में किया गया।

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और भीड़ प्रबंधन को देखते हुए यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू की गई थी। उन्होंने बताया कि शुल्क लेने पर श्रद्धालुओं को विधिवत रसीद दी जाती थी और पूरी धनराशि का रिकॉर्ड समिति के पास सुरक्षित है।

वहीं, बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि वीआईपी दर्शन के लिए शुल्क निर्धारित करने संबंधी कोई प्रस्ताव समिति की बैठक में पारित नहीं हुआ था। उनका कहना है कि बीकेटीसी अधिनियम के तहत किसी भी नए शुल्क को लागू करने के लिए समिति की स्वीकृति आवश्यक होती है।

मामले को लेकर समिति के वरिष्ठ अधिकारियों का भी कहना है कि यदि बिना बोर्ड की मंजूरी शुल्क वसूला गया है, तो इसकी वैधानिक स्थिति की जांच की जाएगी। अब ऑडिट और जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *