साइबर अपराध, भ्रष्टाचार और नशे के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस का जागरूकता अभियान

देहरादून 15 मई 2026। उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में देहरादून स्थित St. Joseph’s Academy में साइबर सुरक्षा, भ्रष्टाचार जागरूकता एवं नशा उन्मूलन विषयों पर एक वृहद जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उत्तराखण्ड पुलिस की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में देहरादून के विभिन्न निजी एवं सरकारी विद्यालयों के कक्षा 9 से 11 तक के लगभग 1200 छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. वी. मुरूगेशन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से तकनीक का उपयोग सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अंकुश मिश्रा ने छात्रों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों—बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, केवाईसी स्कैम, सिम स्वैप फ्रॉड एवं साइबर स्टॉकिंग—के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने साइबर हाईजीन और डेटा गोपनीयता के महत्व को समझाते हुए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की।
1930 : राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन
1064 : भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन
कार्यक्रम में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की उपनिरीक्षक प्रेरणा चौधरी ने नशा उन्मूलन विषय पर सत्र संचालित किया। उन्होंने छात्रों को मादक पदार्थों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए आत्म-अनुशासन और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र में विशेषज्ञों ने छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रतिभागी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता बताया। साथ ही अन्य शिक्षण संस्थानों ने भी भविष्य में अपने यहां ऐसे कार्यक्रम आयोजित कराने की इच्छा व्यक्त की।
उत्तराखण्ड पुलिस ने कहा कि युवाओं को साइबर अपराध, भ्रष्टाचार और नशे जैसी सामाजिक चुनौतियों से सुरक्षित रखने के लिए राज्यभर के शिक्षण संस्थानों में ऐसे जनजागरूकता अभियान भविष्य में भी निरंतर चलाए जाते रहेंगे।

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