उत्तराखंड: MDR शुल्क की चर्चा से कारोबारियों में नाराजगी, UPI से दूरी बनाकर Cash में लेनदेन शुरू

UPI Payment को लेकर कारोबारियों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI Transaction पर MDR Charge लगाए जाने की चर्चा के बीच देहरादून के कई व्यापारियों ने अभी से Cash Payment को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। कुछ दुकानों पर ग्राहकों को केवल नकद भुगतान करने के लिए भी कहा जा रहा है।

Merchant Discount Rate (MDR) शुल्क को लेकर कारोबारियों में नाराजगी बढ़ रही है। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने में अभी समय है, लेकिन बाजार के कुछ व्यापारियों ने इसके विरोध में UPI Payment लेना बंद कर दिया है। धामावाला, पलटन बाजार और आसपास के इलाकों में इसका असर देखने को मिल रहा है।

एक पेट्रोल पंप पर तो QR Code के ऊपर हेल्पर की भर्ती से जुड़ा विज्ञापन चस्पा कर दिया गया। वहीं, एक दुकान के बाहर केवल Cash Payment स्वीकार करने की तख्ती भी दिखाई दी। हालांकि, बताया जा रहा है कि यह तख्ती पहले से लगी हुई थी।

15 अक्टूबर से लागू होने की चर्चा

बताया जा रहा है कि आगामी 15 अक्टूबर से UPI के जरिए 2,000 रुपये से अधिक का भुगतान स्वीकार करने पर कारोबारियों को 0.4 फीसदी MDR Charge देना होगा। हालांकि, सरकार की ओर से कहा गया है कि इस व्यवस्था का सीधा असर आम ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा।

वहीं, P2P (Person to Person) भुगतान पर किसी तरह का शुल्क नहीं लगाए जाने की बात कही जा रही है। शुल्क की व्यवस्था मुख्य रूप से व्यापारिक लेनदेन से जुड़ी होगी।

व्यापारियों ने जताई नाराजगी

इस प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर कारोबारियों में असंतोष है। जिन दुकानों पर 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान की संख्या ज्यादा रहती है, वहां इसका असर अधिक पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कुछ कारोबारियों ने विरोध में अभी से UPI Payment लेना बंद कर दिया है।

व्यापारियों का कहना है कि देश में पिछले कई वर्षों में Digital Payment को तेजी से बढ़ावा दिया गया है। UPI ने कारोबार और भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाया है। ऐसे में अब इस तरह का शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

कारोबारियों का कहना है कि यदि MDR Charge लागू होता है तो उन्हें अतिरिक्त लागत का सामना करना पड़ेगा। इससे कुछ व्यापारी दोबारा Cash Transaction की ओर लौटने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

ग्राहकों पर पड़ सकता है असर

कुछ कारोबारियों ने संकेत दिया है कि यदि शुल्क का अतिरिक्त बोझ बढ़ता है तो उसकी भरपाई किसी न किसी रूप में ग्राहकों से की जा सकती है। हालांकि, यह व्यापारियों की ओर से व्यक्त की गई आशंका है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसका वास्तविक असर ग्राहकों पर किस तरह पड़ेगा।

फिलहाल MDR Charge, UPI Payment और Digital Transaction को लेकर कारोबारियों में चर्चा तेज है। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था को लेकर सरकार और व्यापारियों के बीच स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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