
नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना ने रोमांचक मुकाबले में इजिप्ट को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। हालांकि मैच के नतीजे से ज्यादा रेफरी के फैसले चर्चा का विषय बन गए हैं। इजिप्ट के खिलाड़ियों ने रेफरिंग पर गंभीर सवाल उठाते हुए यहां तक आरोप लगाया कि टूर्नामेंट “फिक्स्ड” है।
मैच के 78वें मिनट तक इजिप्ट 2-0 की मजबूत बढ़त बनाए हुए था, लेकिन अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए लगातार तीन गोल दागकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
VAR से रद्द हुआ इजिप्ट का गोल
विवाद की शुरुआत 58वें मिनट में हुई, जब इजिप्ट के मोस्तफा जिको ने गोल दागकर टीम की बढ़त बढ़ाई। हालांकि, VAR समीक्षा के बाद रेफरी ने गोल रद्द कर दिया। समीक्षा में पाया गया कि गोल बनने से पहले मिडफील्डर मरावन अटिया ने अर्जेंटीना के डिफेंडर लिसेंड्रो मार्टिनेज पर फाउल किया था।
रेफरी के इस फैसले के बाद इजिप्ट के खिलाड़ियों और समर्थकों ने कड़ी आपत्ति जताई।
‘टूर्नामेंट फिक्स्ड है’— मोस्तफा जिको
मैच के बाद मोस्तफा जिको ने रेफरिंग पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ।
उन्होंने कहा, “यह सही नहीं है। रेफरी शुरुआत से ही हमारे खिलाफ थे। हमें अर्जेंटीना के खिलाफ 2-0 से जीतने नहीं दिया गया। ऐसा लगता है कि टूर्नामेंट फिक्स्ड है। हमारे लिए ईश्वर ही सबसे बड़ा न्याय करने वाला है।”
सालाह पर फाउल नहीं देने पर भी उठे सवाल
विवाद मैच के इंजरी टाइम में और बढ़ गया। इजिप्ट के हमले के दौरान अर्जेंटीना के एक डिफेंडर का संपर्क मोहम्मद सालाह से पेनाल्टी बॉक्स के भीतर हुआ, जिसके बाद सालाह गिर पड़े। इजिप्ट के खिलाड़ियों ने पेनाल्टी की जोरदार अपील की, लेकिन रेफरी ने न तो फाउल दिया और न ही VAR समीक्षा कराई।
इसी के तुरंत बाद अर्जेंटीना ने काउंटर अटैक में एंजो फर्नांडेज के गोल की बदौलत 3-2 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
मैच के बाद सोशल मीडिया पर भी रेफरी के फैसलों को लेकर बहस तेज हो गई। कई प्रशंसकों ने VAR के इस्तेमाल में कथित असंगति और महत्वपूर्ण मौकों पर समीक्षा नहीं किए जाने पर सवाल उठाए। हालांकि, इस मामले पर अभी तक फीफा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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