Congress Working Committee (CWC) की बैठक में Election Commission of India (ECI), Special Intensive Revision (SIR) और voter list में बदलाव का मुद्दा प्रमुखता से उठा। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगाए और मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
लोकतंत्र और वोट के अधिकार को लेकर खरगे का हमला
दिल्ली में हुई CWC meeting के बाद खरगे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि कांग्रेस के सामने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया है और voter list से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।
खरगे ने आरोप लगाया कि Election Commission की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar पर भी निशाना साधा और उनके कामकाज को लेकर सवाल उठाए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम electoral roll से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी जानकारी देने के साथ अपील का अवसर भी मिलना चाहिए।
‘संस्थाओं को सत्ता के आगे झुकाया जा रहा’
खरगे ने अपने बयान में आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। उन्होंने Form 6, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा electoral roll database के नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठाए।
हालांकि, Election Commission ने इन आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है। आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े फैसले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं और आयोग ने हाल के विवादों में निर्णयों को लेकर एकराय होने की बात कही है।
कांग्रेस की पांच प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर पांच प्रमुख मांगें रखी हैं:
- Voter List Changes में होने वाले सभी बड़े बदलावों का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।
- जिन मतदाताओं के नाम Electoral Roll से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी पूरी जानकारी दी जाए और अपील का अवसर मिले।
- राजनीतिक दलों को Voter List Data और उससे संबंधित जरूरी जानकारी समय पर आसान फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाए।
- जहां गंभीर विसंगतियों के प्रमाण सामने आएं, वहां Independent Investigation कराई जाए और जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
- Election Process से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और फैसलों में पर्याप्त पारदर्शिता रखी जाए, ताकि किसी भी पक्ष को जानकारी छिपाए जाने की शिकायत का अवसर न मिले।
CEC को हटाने और PM के इस्तीफे की भी मांग
CWC बैठक के दौरान खरगे ने CEC Gyanesh Kumar को पद से हटाने की मांग भी दोहराई। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की। ये कांग्रेस की राजनीतिक मांगें हैं और इन्हें पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विवाद के संदर्भ में रखा है।
‘लोकतंत्र में सबसे शक्तिशाली आम मतदाता’
खरगे ने कहा कि भारतीय मतदाताओं के बीच यह भरोसा होना जरूरी है कि उनका वोट सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि चुनाव आते-जाते रहते हैं और सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन लोकतंत्र और संविधान स्थायी संस्थाएं हैं।
कांग्रेस ने Voter Rights और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे को आगे भी उठाने की बात कही है। वहीं, Election Commission की ओर से चुनावी प्रक्रिया और SIR को लेकर अपने फैसलों का कानूनी आधार होने की बात कही गई है।


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