ऑपरेशन सिंदूर में राफेल का दबदबा? पाकिस्तानी रिटायर्ड अफसर ने F-16 को लेकर किया बड़ा दावा

नई दिल्ली: मई 2025 में हुए Operation Sindoor को लेकर पाकिस्तान एयरफोर्स के एक रिटायर्ड अधिकारी के कथित बयान ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान की हवाई क्षमताओं पर चर्चा तेज कर दी है। पाकिस्तान एयरफोर्स के रिटायर्ड एयर कमोडोर Khalid Chishti ने दावा किया है कि भारतीय Rafale लड़ाकू विमानों की लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता के कारण पाकिस्तान को अपने F-16 fighter jets को फ्रंटलाइन ऑपरेशन से दूर रखना पड़ा।

Meteor Missile की रेंज बनी वजह?

एक इंटरव्यू में खालिद चिश्ती ने पाकिस्तान के F-16 विमानों में इस्तेमाल होने वाली AIM-120 AMRAAM मिसाइलों की क्षमता की तुलना भारतीय राफेल के साथ इस्तेमाल होने वाली Meteor missile से की। उनके मुताबिक, AMRAAM की प्रभावी रेंज लगभग 70-100 किलोमीटर के आसपास है, जबकि Meteor की रेंज करीब 150 किलोमीटर या उससे अधिक बताई जाती है।

चिश्ती का कहना है कि Beyond Visual Range (BVR) मुकाबले में यह अंतर पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती बन सकता था। इसी वजह से उनके अनुसार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी एयरफोर्स ने अपने F-16 विमानों को अग्रिम मोर्चे पर इस्तेमाल करने से परहेज किया।

F-16 पर लंबे समय से निर्भर है पाकिस्तान

F-16 लंबे समय से पाकिस्तान एयरफोर्स के प्रमुख लड़ाकू विमानों में शामिल रहे हैं। हालांकि, चिश्ती के कथित बयान के बाद दोनों देशों के फाइटर जेट्स और एयर-टू-एयर मिसाइलों की क्षमताओं को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।

राफेल विमानों के साथ Meteor जैसी लंबी दूरी की BVR मिसाइलों की मौजूदगी भारतीय वायुसेना को लंबी दूरी से हवाई मुकाबले में एक महत्वपूर्ण क्षमता प्रदान करती है। हालांकि, किसी भी हवाई संघर्ष का परिणाम केवल मिसाइल की रेंज से तय नहीं होता; radar, electronic warfare, pilot training, tactics और situational awareness जैसे कई कारक भी महत्वपूर्ण होते हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई

7 मई 2025 को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद Operation Sindoor शुरू किया था। भारत के अनुसार, इस अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया।

भारतीय दावों के मुताबिक, अभियान में Jaish-e-Mohammed और Lashkar-e-Taiba से जुड़े कई ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इनमें बहावलपुर और मुरिदके समेत कई स्थान शामिल थे।

पाकिस्तानी रिटायर्ड अधिकारी का यह कथित बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब Rafale vs F-16 की क्षमताओं और मई 2025 के हवाई संघर्ष को लेकर दावे और प्रतिदावे लगातार चर्चा में रहे हैं। चिश्ती के दावे को उनके व्यक्तिगत आकलन के तौर पर देखा जाना चाहिए; इससे अकेले ऑपरेशन सिंदूर में F-16 के वास्तविक इस्तेमाल या नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *