देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद तीरथ सिंह रावत करीब दो साल बाद एक बार फिर सक्रिय राजनीति में बड़ी भूमिका में नजर आएंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड के तीन अन्य नेताओं को भी राष्ट्रीय संगठन में जगह मिली है।
2022 में करीब पांच महीने मुख्यमंत्री रहने के बाद तीरथ सिंह रावत ने अपना सांसद का कार्यकाल पूरा किया, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद से उनके पास कोई बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं थी। अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने के साथ उनकी राष्ट्रीय राजनीति में फिर से महत्वपूर्ण वापसी हुई है।
संघ प्रचारक से मुख्यमंत्री तक का सफर
तीरथ सिंह रावत का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। पौड़ी गढ़वाल के सीरों गांव में 1 अप्रैल 1964 को जन्मे तीरथ वर्ष 1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे।
उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। वह गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके बाद भाजपा युवा मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे।
1997 में वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वर्ष 2000 में उन्हें राज्य के पहले शिक्षा मंत्री बनने का अवसर मिला।
संगठन से सरकार तक मिली जिम्मेदारियां
तीरथ सिंह रावत वर्ष 2007 में भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश महामंत्री बने। 2012 से 2017 के बीच वह चौबट्टाखाल से विधायक रहे और 2013 में उन्हें उत्तराखंड भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पौड़ी गढ़वाल सीट से जीत दर्ज की। सांसद रहते हुए उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भाजपा के चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाली।
त्रिवेंद्र सिंह रावत के बाद भाजपा ने मार्च 2021 में उन्हें उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया। हालांकि करीब पांच महीने बाद ही उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल भले ही विवादों में रहा, लेकिन संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियों के दौरान उनका अनुभव पार्टी के लिए उपयोगी माना गया।
बलूनी समेत उत्तराखंड के चार नेताओं को जिम्मेदारी
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तराखंड के कुल चार नेताओं को जगह मिली है। अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी बरकरार रखी गई है। मीडिया और संगठन में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है।
वहीं आलोक भट्ट को राष्ट्रीय सोशल मीडिया सह संयोजक बनाया गया है। भट्ट हिमाचल प्रदेश में भाजपा के महामंत्री संगठन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा महेंद्र पांडे को भी राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिली है।
तीरथ बोले- हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाऊंगा
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद तीरथ सिंह रावत ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उस जिम्मेदारी पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि पार्टी की रीति-नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी। तीरथ ने 2027 की चुनौती का भी जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ेगी और जीत हासिल करेगी।
तीरथ की नई जिम्मेदारी को उत्तराखंड भाजपा में उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी सक्रियता की वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।


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