Vedanta News: डीमर्जर के बाद वेदांता पर निवेशकों का बढ़ा भरोसा, 4.9 लाख नए रिटेल शेयरधारक जुड़े; FII हिस्सेदारी भी बढ़ी

नई दिल्ली। अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली Vedanta Limited ने डीमर्जर के बाद निवेशकों का ध्यान खींचा है। जून 2026 को समाप्त तिमाही यानी Q1 FY27 में कंपनी के खुदरा शेयरधारकों की संख्या में करीब 4.9 लाख का इजाफा हुआ। यह बढ़ोतरी कैपिटलाइन द्वारा ट्रैक की गई कंपनियों में सबसे अधिक बताई गई है।

खास बात यह है कि इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने भी वेदांता में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। बाजार में विदेशी निवेशकों के कमजोर रुझान के बीच वेदांता में FII की बढ़ती हिस्सेदारी को कंपनी के प्रति बढ़ते भरोसे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

रिटेल निवेशकों की पसंद बनी वेदांता

कैपिटलाइन के आंकड़ों के मुताबिक, Q1 FY27 में वेदांता के शेयरधारकों की संख्या में करीब 4.9 लाख की बढ़ोतरी हुई। इस मामले में कंपनी ने विप्रो, बजाज ऑटो, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया।

हालांकि, इस अवधि में कई बड़ी कंपनियों के शेयरधारकों की संख्या बढ़ी, लेकिन वेदांता में हुई वृद्धि सबसे ज्यादा रही। वहीं टाटा मोटर्स पीवी, यस बैंक, सुजलॉन एनर्जी, अडानी ग्रीन एनर्जी और बीएचईएल जैसी कंपनियों में खुदरा शेयरधारकों की संख्या घटने की बात सामने आई है।

FII ने भी बढ़ाई हिस्सेदारी

वेदांता में सिर्फ रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी नहीं बढ़ी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी कंपनी पर भरोसा जताया है।

31 मार्च 2026 को कंपनी में FII हिस्सेदारी 13.93% थी, जो 30 जून 2026 तक बढ़कर 15.77% हो गई। यह करीब 1.84 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी है।

यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी अवधि में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों का रुझान अपेक्षाकृत कमजोर रहा। ऐसे माहौल में वेदांता में FII हिस्सेदारी बढ़ना कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की कमाई की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।

कम वैल्यूएशन और हाई डिविडेंड यील्ड

वेदांता को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाने वाला एक और पहलू इसका वैल्यूएशन और डिविडेंड है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का P/E करीब 5.9 है, जबकि डिविडेंड यील्ड करीब 13% बताई गई है।

कम P/E के साथ ऊंची डिविडेंड यील्ड का यह संयोजन खास तौर पर उन निवेशकों को आकर्षित कर सकता है जो वैल्यू और नियमित आय दोनों पर ध्यान देते हैं। हालांकि, केवल कम वैल्यूएशन या ज्यादा डिविडेंड के आधार पर किसी शेयर में निवेश का फैसला नहीं किया जाना चाहिए।

तिमाही नतीजों ने भी दिया सपोर्ट

निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ऐसे समय में आई है जब वेदांता ने परिचालन के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया।

कंपनी का निरंतर परिचालन से लाभ सालाना आधार पर 152% बढ़कर 5,294 करोड़ रुपये हो गया। वहीं EBITDA करीब 98% बढ़कर 8,469 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी ने तिमाही के दौरान अपने शुद्ध कर्ज में भी 2,200 करोड़ रुपये से अधिक की कमी की। कर्ज में कमी को कंपनी की बैलेंस शीट के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।

रेटिंग के मोर्चे पर भी कंपनी को राहत मिली है। CRISIL और ICRA ने वेदांता को AA+/Stable रेटिंग दी है।

डीमर्जर के बाद नई कंपनियों ने भी बनाई वैल्यू

वेदांता के डीमर्जर के बाद समूह की अलग-अलग कारोबारी इकाइयों को स्वतंत्र कंपनियों के रूप में बाजार में पेश करने की रणनीति पर निवेशकों की नजर है।

डीमर्जर के बाद पहली तिमाही में नई सूचीबद्ध वेदांता कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप 71,000 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ने का दावा किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार समूह के अलग-अलग कारोबार को स्वतंत्र और अधिक केंद्रित कंपनियों के रूप में देखने को सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहा है।

Hindustan Zinc का भी मजबूत प्रदर्शन

वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी Hindustan Zinc ने भी जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया।

कंपनी को मजबूत चांदी की कीमतों, बेहतर परिचालन दक्षता और लागत नियंत्रण से फायदा मिला। कंपनी ने तिमाही के दौरान 11 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया।

क्या आगे भी बनी रहेगी निवेशकों की नजर?

डीमर्जर के बाद वेदांता में खुदरा और विदेशी निवेशकों की बढ़ती हिस्सेदारी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत जरूर है। मजबूत परिचालन प्रदर्शन, कर्ज में कमी, आकर्षक वैल्यूएशन और डिविडेंड पॉलिसी ने भी निवेशकों की धारणा को सहारा दिया है।

हालांकि, वेदांता जैसे मेटल और माइनिंग कारोबार में कमोडिटी कीमतों, कर्ज, पूंजीगत खर्च और वैश्विक बाजार परिस्थितियों का असर काफी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए निवेशकों के लिए केवल शेयरधारकों की संख्या या डिविडेंड यील्ड के बजाय कंपनी की भविष्य की कमाई, कैश फ्लो और कर्ज की स्थिति पर भी नजर रखना जरूरी होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *