
Cockroach Janta Party (CJP) ने Jantar Mantar Protest के बाद अपने अगले राष्ट्रव्यापी अभियान “Kya Bolti Public” की घोषणा की है। CJP Founder Abhijeet Dipke ने अपने गृह नगर Chhatrapati Sambhajinagar में इस अभियान की शुरुआत का ऐलान करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य देशभर के लोगों के मुद्दों को समझना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।
शिक्षा बनेगी पहले अभियान का मुख्य मुद्दा
Abhijeet Dipke ने कहा कि अभियान का पहला फोकस Education होगा। उनके मुताबिक स्कूल, कॉलेज और Coaching Fees लगातार बढ़ने से कई परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर देशभर के छात्रों और अभिभावकों से संवाद करेगी।
संस्थागत जवाबदेही पर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत में Abhijeet Dipke ने कहा कि देश के कई संस्थानों पर लोगों का भरोसा कम हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों में लगातार होने वाले Party Switching, सरकारों के गठन और एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही मजबूत होना जरूरी है ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।
Election Commission और Judiciary पर भी टिप्पणी
Abhijeet Dipke ने Election Commission की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
उन्होंने Judiciary को लेकर भी लोगों की चिंताओं का जिक्र किया और कहा कि आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने न्याय व्यवस्था में भरोसा मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Jharkhand के छात्रों को समर्थन
CJP Spokesperson Ashutosh Ranka ने कहा कि Jharkhand में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल Ranchi पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल छात्रों से मुलाकात करेगा, उनकी समस्याएं समझेगा और आवश्यक सहयोग देगा। पार्टी नेतृत्व भी जल्द झारखंड जाकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने की योजना बना रहा है।
‘Kya Bolti Public’ अभियान का उद्देश्य
Abhijeet Dipke ने कहा कि किसी भी संगठन के पास अपना स्पष्ट Agenda होना चाहिए, लेकिन साथ ही जनता से यह भी पूछा जाना चाहिए कि उनके लिए सबसे अहम मुद्दे क्या हैं।
उन्होंने बताया कि Jantar Mantar Protest के दौरान लोगों ने केवल NEET ही नहीं, बल्कि Election Commission, Judiciary, शिक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए। इन्हीं सुझावों के आधार पर अब देशभर में व्यापक Public Outreach Campaign चलाया जाएगा।

Leave a Reply