
नई दिल्ली: ग्रामीण युवाओं को रोजगार और किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘प्रगति’ योजना शुरू की है। योजना के पहले चरण में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल समेत आठ राज्यों के करीब 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षित कर कृषि उद्यमी बनाया जाएगा।
सरकार के अनुसार, प्रशिक्षित युवा गांव स्तर पर किसानों को तकनीकी सलाह, मिट्टी परीक्षण, आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग, सरकारी योजनाओं और बाजार से जोड़ने में मदद करेंगे। इससे किसानों को खेती से जुड़ी कई सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी।
क्या है प्रगति योजना?
प्रगति योजना का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें प्रशिक्षित कृषि उद्यमी के रूप में विकसित करना है। ये युवा किसानों और सरकारी योजनाओं के बीच सेतु की भूमिका निभाएंगे तथा आधुनिक खेती की तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाएंगे।
कृषि उद्यमियों की होगी अहम भूमिका
योजना के तहत प्रशिक्षित युवा किसानों की मिट्टी की जांच, आधुनिक खेती की जानकारी, कृषि मशीनों की उपलब्धता, बैंक और ऋण सुविधाओं से जोड़ने, कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का कार्य करेंगे।
किसानों और युवाओं दोनों को होगा लाभ
सरकार का मानना है कि इस योजना से किसानों को समय पर तकनीकी सलाह और आवश्यक सेवाएं मिलेंगी, जिससे खेती की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। वहीं ग्रामीण युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार
फिलहाल योजना का संचालन आठ राज्यों में शुरू किया गया है। केंद्र सरकार भविष्य में इसे अन्य राज्यों तक भी विस्तारित करने की तैयारी कर रही है।
कृषि मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘प्रगति’ योजना केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने का अभियान है। इसके माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ा जाएगा, जबकि ग्रामीण युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे।

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