उत्तराखंड Gurudwara Row के बाद पंजाब CM Bhagwant Mann की धामी से सीधी बात, Peaceful Resolution पर हुई चर्चा

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के Nagarasu Gurudwara में चल रहे विवाद ने अब राजनीतिक स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर लिया है। मामले को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने स्थिति के Peaceful Resolution और आपसी Dialogue पर जोर दिया।

क्या है पूरा मामला?

20 जून की शाम कुछ Nihang Sikhs ने रुद्रप्रयाग स्थित नगरासू गुरुद्वारे में डेरा डाल दिया। शुरुआती घटनाक्रम में गुरुद्वारे के दो Sewadars को बंधक बनाए जाने की सूचना सामने आई, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया।

अगले दिन दोनों सेवादारों को रिहा कर दिया गया, लेकिन निहंग सिख हथियारों के साथ गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर डटे रहे। 21 जून को एक निहंग सिख ने Surrender किया, जबकि 22 जून को एक अन्य व्यक्ति को पुलिस ने Custody में ले लिया।

Nihang Sikhs की क्या हैं मांगें?

निहंग सिखों का कहना है कि 16 जून को Hemkund Sahib से लौटते समय Karnaprayag में स्थानीय व्यापारियों के साथ हुए विवाद के बाद यह स्थिति बनी। उस झड़प में कई लोग घायल हुए थे और पुलिस ने दो निहंग सिखों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

गुरुद्वारे में मौजूद निहंग सिख अपने गिरफ्तार साथियों की Release और स्थानीय लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में Section 163 लागू कर दी है।

CM Mann और CM Dhami के बीच क्या हुई चर्चा?

फोन पर हुई बातचीत में Bhagwant Mann ने कहा कि निहंग सिखों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और सभी पक्षों के बीच Dialogue जारी रहना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड सरकार को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

वहीं Pushkar Singh Dhami ने कहा कि उत्तराखंड सभी धर्मों का सम्मान करता है और राज्य की संस्कृति Religious Harmony तथा Mutual Respect पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन बिना किसी भेदभाव के कानून के अनुसार कार्रवाई करेगा।

Current Situation क्या है?

फिलहाल गुरुद्वारे के आसपास भारी संख्या में Police Force और ITBP Personnel तैनात हैं। प्रशासन, सिख संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच लगातार बातचीत जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले का समाधान Peaceful Negotiations के जरिए किया जाएगा और किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *