उत्तराखंड में राष्ट्रीय और राज्य महत्व की विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए वन भूमि हस्तांतरण (Forest Land Transfer) से जुड़े मामलों में तेजी लाने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी

लोक निर्माण विभाग की 14 परियोजनाओं के लिए चाहिए 68 हेक्टेयर भूमि
समीक्षा बैठक में यह भी बताया गया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) की 14 विभिन्न परियोजनाओं के लिए लगभग 68 हेक्टेयर सीए भूमि की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने संबंधित उपजिलाधिकारियों और वन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से भूमि चिन्हित करने और प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
वन भूमि हस्तांतरण के लिए बनेगी संयुक्त टीम
वन भूमि हस्तांतरण और प्रतिपूरक वनीकरण भूमि चिन्हीकरण से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने डीएफओ, उपजिलाधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंताओं की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए।
यह टीम लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगी, जिससे महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में देरी न हो।
तहसीलदारों और एसडीएम को भी सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय एवं राज्य महत्व की परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि चयन में तहसीलदार सक्रिय भूमिका निभाएं। वहीं सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और वन भूमि हस्तांतरण मामलों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

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